
दिल्ली-गाज़ियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर पर साहिबाबाद से आगे दिल्ली की दिशा में नमो भारत ट्रेनों का ट्रायल रन किया जा रहा है. साथ ही आनंद विहार और न्यू अशोक नगर स्टेशनों को परिचालन के लिए तैयार किया जा रहा है. इन स्टेशनों मे बिजली आपूर्ति के लिए स्टेशनों में स्थापित सहायक (ऑग्जिलियरी) सब स्टेशनों (एएसएस) को 33 केवी की क्षमता पर चार्ज कर दिया गया है, जिससे स्टेशन की विद्युत प्रणाली, एएफसी सिस्टम और अन्य तकनीकी कार्यों के लिए विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो गई है.
दिल्ली में जल्द शुरू होगी नमो भारत रैपिड रेल
इन स्टेशनों में विद्युत आपूर्ति के लिए वर्तमान में गाज़ियाबाद रिसीविंग सब स्टेशन (आरएसएस) से 33 केवी क्षमता वाली केबल आनंद विहार और न्यू अशोक नगर स्टेशन तक वायडक्ट और टनल के माध्यम से पहुंचाई गई है, जिसके सफलतापूर्वक उर्जीकृत होने के बाद इन स्टेशनों पर विद्युत आपूर्ति की जा रही है.
गाजियाबाद आरएसएस से दिल्ली खंड को बिजली की आपूर्ति एक अस्थायी प्रावधान है. आने वाले समय में दिल्ली सेक्शन को विद्युत आपूर्ति सराय काले खां रिसीविंग सब स्टेशन (आरएसएस) से की जाएगी, जिसका निर्माण कार्य अंतिम चरण में है. सराय काले खां आरएसएस में विद्युत आपूर्ति दिल्ली ट्रांस्को लिमिटेड के ग्रिड से और आईपी स्टेट स्थित गैस टर्बाइन पावर स्टेशन (जीटीपीएस) से की जाएगी. दिल्ली सेक्शन के सबसे बड़े सराय काले खां स्टेशन में भी एएसएस रूम बनकर तैयार हो चुका है और इसे भी जल्द ही चार्ज किया जाएगा.
दिल्ली के आनंद विहार और न्यू अशोक नगर आरआरटीएस स्टेशनों में विद्युत आपूर्ति शुरू
स्टेशनों पर विद्युत आपूर्ति आरएसएस और एएसएस के माध्यम से की जाती है. आरएसएस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों से बिजली प्राप्त करके उसे स्टेशन पर बनाई गई एएसएस में भेजता है, जिससे स्टेशन पर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाती है. आरएसएस द्वारा ट्रेन चलाने के लिए ट्रैक्शन और स्टेशनों को ऑग्जिलियरी विद्युत आपूर्ति की जाती है.
दिल्ली से मेरठ के बीच आरआरटीएस कॉरिडोर पर 05 रिसीविंग सब स्टेशनों (आरएसएस) का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से गाज़ियाबाद, मुरादनगर और शताब्दी नगर (मेरठ) आरएसएस बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि सराय काले खां आरएसएस से भी जल्द ही विद्युत आपूर्ति शुरू की जाएगी. इसके अलावा पांचवां आरएसएस मोदीपुरम (मेरठ) में निर्माणाधीन है.
आरआरटीएस कॉरिडोर पर विद्युत आपूर्ति के लिए एनसीआरटीसी ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश में पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशनों के साथ करार किया है. इन ग्रिड सबस्टेशनों से 220kV वोल्टेज पर बिजली एनसीआरटीसी के गाज़ियाबाद, मुरादनगर और शताब्दी नगर स्थित रिसीविंग सब स्टेशन तक आ रही हैं. यहां से 25kV की बिजली ट्रेनों के संचालन के लिए और 33kV की बिजली आरआरटीएस स्टेशनों के एएसएस के जरिए स्टेशनों की अन्य समस्त जरूरतों के लिए इस्तेमाल की जा रही है. दिल्ली-गाज़ियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर पर आरआरटीएस और मेरठ मेट्रो के सभी स्टेशनों में विद्युत आपूर्ति के लिए एएसएस का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें निर्धारित नजदीकी रिसीविंग सब स्टेशनों (आरएसएस) से विद्युत आपूर्ति की जाएगी.
न्यू अशोक नगर से साहिबाबाद तक दिल्ली सेक्शन में ट्रायल रन निर्बाध रूप से चल रहा है. इस सेक्शन का परिचालन शुरू होने के बाद कॉरिडोर के परिचालित सेक्शन का विस्तार 54 किलोमीटर तक हो जाएगा. यह सेक्शन आनंद विहार और न्यू अशोक नगर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों को जोड़ेगा, जिससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में यात्रियों के लिए पारगमन विकल्प की संख्या में विशिष्ट वृद्धि होगी. इस विस्तार से एनसीआर में यात्रियों के लिए अधिक सुविधा, सुव्यवस्थित कनेक्टिविटी और बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी. वर्तमान में 9 स्टेशनों के साथ 42 किलोमीटर का कॉरिडोर परिचालित है, जिसमें साहिबाबाद, गाज़ियाबाद, गुलधर, दुहाई, दुहाई डिपो, मुराद नगर, मोदी नगर साउथ, मोदी नगर नॉर्थ और मेरठ साउथ शामिल हैं.