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रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में खराब अनाउंसमेंट क्वालिटी बना हादसे की वजह? जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार को हुई भगदड़ की एक बड़ी वजह पब्लिक एड्रेस सिस्टम की खराब क्वालिटी हो सकती है. रेलवे मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि दो ट्रेनों की गलत घोषणा के कारण यात्रियों में भ्रम की स्थिति बनी.

ऐसा था हादसे पहले नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का हाल( PTI ऐसा था हादसे पहले नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का हाल( PTI
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 16 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 10:54 PM IST

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार को हुई भगदड़ की एक बड़ी वजह पब्लिक एड्रेस सिस्टम की खराब क्वालिटी हो सकती है. रेलवे मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि दो ट्रेनों की गलत घोषणा के कारण यात्रियों में भ्रम की स्थिति बनी, जिससे यह हादसा हुआ. रेल मंत्रालय के अनुसार, शनिवार को जब प्लेटफार्म नंबर 12 पर प्रयागराज स्पेशल ट्रेन के आगमन की घोषणा हुई, तो प्लेटफार्म नंबर 14 पर खड़ी प्रयागराज एक्सप्रेस के यात्री इसे अपनी ट्रेन समझकर वहां पहुंच गए. इसी अफरा-तफरी में भगदड़ मच गई, जिसमें कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए.

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रेलवे के पूर्व प्रमुख और टेलीकॉम इंजीनियर के.पी. आर्य ने कहा, 'अगर घोषणा सही तरीके से की गई होती और यात्रियों को स्पष्ट रूप से बताया जाता कि प्रयागराज स्पेशल और प्रयागराज एक्सप्रेस दो अलग-अलग ट्रेनें हैं, तो यह हादसा टाला जा सकता था.' उन्होंने सुझाव दिया कि रेलवे को ऑटोमेटिक अनाउंसमेंट सिस्टम के साथ-साथ मैन्युअल घोषणा विकल्प का भी इस्तेमाल करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आवाज की स्पष्टता को डेसिबल मीटर जैसे उपकरण से जांचना चाहिए, न कि केवल कानों से.

रेलवे स्टेशनों पर अनाउंसमेंट सिस्टम खराब
अधिकारियों के अनुसार, छोटे स्टेशनों पर भी अनाउंसमेंट सिस्टम की गुणवत्ता बेहद खराब है, जिससे यात्री अक्सर यह समझ ही नहीं पाते कि अनाउंसमेंट में क्या कहा जा रहा है. एक रिटायर रेलवे सुरक्षा अधिकारी ने बताया, 'कई बार हमें घोषणा सुनने के लिए लाउडस्पीकर के करीब जाना पड़ता था. जब इस तरह की गलत घोषणा से इतना बड़ा हादसा हो सकता है, तो रेलवे को अब इस मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए.'

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के.पी. आर्य ने कहा कि छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में भी रेलवे स्टेशन की अनाउंसमेंट सिस्टम बहुत खराब स्थिति में है. उन्होंने कहा, 'किसी भी यात्री से पूछ लीजिए, आपको यही फीडबैक मिलेगा. अगर आपकी ट्रेन का प्लेटफार्म अचानक बदल दिया जाए, तो यह एक बुरे सपने जैसा होता है.'

रेलवे कर्मचारियों ने क्या कहा?
स्टेशन मास्टरों के अनुसार, पहले घोषणाएं मैन्युअली की जाती थीं, लेकिन अब ऑटोमेटिक अनाउंसमेंट सिस्टम का उपयोग किया जाता है, जिसमें कर्मचारियों को सिर्फ ट्रेन या प्लेटफार्म नंबर सिस्टम में दर्ज करना होता है. हालांकि, यदि सिस्टम में कोई खराबी आती है, तो ही मैन्युअल घोषणा की जाती है.

रेलवे अधिकारियों और विशेषज्ञों का मानना है कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ रेलवे के अनाउंसमेंट सिस्टम की कमजोरियों को उजागर करती है. अब समय आ गया है कि रेलवे इस प्रणाली में सुधार करे ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके.

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