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कोकेरनाग मुठभेड़ मामले में दो के खिलाफ NIA की चार्जशीट, आतंकियों को मदद करने का आरोप

जम्मू-कश्मीर के कोकेरनाग में हुए मुठभेड़ मामले में NIA ने दो आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की है. इस मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा का एक आतंकी और तीन सुरक्षाकर्मी मारे गए थे. मामले में जिन दो लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दिया गया है. दोनों पर मारे गए आतंकी को मदद करने और सुरक्षा बलों के बारे में जानकारी पहुंचाने का आरोप है.

प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर
कमलजीत संधू
  • नई दिल्ली ,
  • 16 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 8:54 PM IST

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर के कोकरनाग हुए मुठभेड़ मामले में दो आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया.  एनआईए की विशेष अदालत जम्मू में जो चार्जशीट दी गई है, उसमें कोकेरनाग के रहने वाले मोहम्मद अकबर डार और गुलाम नबी डार का नाम है. इनके खिलाफ आईपीसी और आर्म्स एक्ट की धाराएं लगाई गई है.
 
एक सप्ताह पहले हलपोरा कोकेरनाग के गुरी नाद जंगल में एक मुठभेड़ हुई थी. इसमें आतंवादी उजैर खान को सुरक्षा बलों ने मार गिराया था. मुठभेड़ में मारा गया आतंकवादी लश्कर-ए-तैयबा की शाखा द रेसिस्टेंट फ्रंट (TRF) का सक्रिय सदस्य था. उजैर ने अगस्त 2022 में लश्कर-ए-तैयबा को ज्वाइन किया था. वह आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था. 
 
पाकिस्तानी हैंडलर से संचालित हो रहा था उजैर 
उजैर सीमा पार के पाकिस्तानी हैंडलरों की मदद से अनंतनाग इलाके में सुरक्षा बलों के खिलाफ आतंकी गतिविधियों में शामिल रहता था. वह कोकेरनाग इलाके में पूर्व में हुए एक आतंकी हमले में शामिल था.  इसके अलावा दो और घटनाओं में वह पहाड़ों और जंगल का फायदा उठाकर सुरक्षा बल की पकड़ से दूर भागने में सफल रहा था.

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सुरक्षा बलों की गतिविधियों की सूचना देते थे दोनों आरोपी
जांच में पता चला कि आरोपी मोहम्मद अकबर डार और गुलाम नबी डार आतंकवादी उजैर खान के लिए ओजीडब्ल्यू के तौर पर काम कर रहा था. दोनों आतंकियों को जम्मू कश्मीर के यूटी के इलाके में  आतंकी गतिविधियों को संचालित करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे.दोनों आरोपी आतंकियों को सुरक्षा बलों के मूवमेंट के बारे में जानकारी भेजते थे. साथ ही उन्हें लॉजिस्टिक सपोर्ट भी करते थे. साथ ही दोनों आतंकियों को पनाह भी दे रहे थे.

1990 की शुरुआती दशक से सक्रिय है आतंकी संगठन
लश्कर और टीआरएफ दोनों प्रतिबंधित संगठन हैं. दोनों संगठन जिहाद के नाम पर कश्मीर के युवाओं को आतंकवादी संगठनों में शामिल होने के लिए लगातार उकसाते रहते हैं. 1990 की शुरुआत से सक्रिय  लश्कर-ए-तैयबा काफी बड़ा आतंकी संगठन है. यह आतंकी संगठन अनंतनाग के इलाकों में अपने नेटवर्क को फिर से रिवाइव करने की कोशिश में जुटा हुआ है.

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सोशल मीडिया पर युवाओं को उसका रहा लश्कर-ए-तैयबा
लश्कर-ए-तैयबा जम्मू और कश्मीर में अपनी अलग-अलग शाखाओं के माध्यम से काम कर रहा है. इस संगठन की दो शाखाएं बेरोजगार युवाओं को  आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के लिए ट्विटर, टेलीग्राम और यूट्यूब पर लुभाने का काम भी करती है. शुरुआत में 13 सितंबर 2023 को कोकेरनाग पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज हुआ था. बाद में एनआईए ने फिर से 5 दिसंबर को मामला दर्ज कराया.

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