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निर्भया केस के दोषी विनय ने तिहाड़ जेल में की खुदकुशी की कोशिश, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

16 दिसंबर 2012 को देश को झकझोर देने वाली गैंगरेप की इस वारदात का मुख्य आरोपी राम सिंह ने भी तिहाड़ में ही आत्महत्या कर ली थी. राम सिंह का शव 11 मार्च 2013 को तिहाड़ जेल के सेल में फंदे से लटका मिला था.

तिहाड़ में ही राम सिंह ने की थी आत्महत्या तिहाड़ में ही राम सिंह ने की थी आत्महत्या
स्‍वपनल सोनल/चिराग गोठी
  • नई दिल्ली,
  • 25 अगस्त 2016,
  • अपडेटेड 3:25 PM IST

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुए निर्भया गैंगरेप के दोषी विनय शर्मा ने तिहाड़ जेल में आत्महत्या की कोशिश की है. उसने पहले जहां कुछ दवाइयां खा लीं, वहीं बाद में गमछे (तौलिया) को गले में बांधकर मरने की कोशिश की. विनय तिहाड़ के जेल नंबर-8 में बंद था. उसे गंभीर हालत में दीन दयाल अस्पताल में भर्ती किया गया है.

बता दें कि 16 दिसंबर 2012 को देश को झकझोर देने वाली गैंगरेप की इस वारदात का मुख्य आरोपी राम सिंह ने भी तिहाड़ में ही आत्महत्या कर ली थी. राम सिंह का शव 11 मार्च 2013 को तिहाड़ जेल के सेल में फंदे से लटका मिला था. सिंह की खुदकुशी के बाद जेल प्रशासन पर कैदियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हुए थे, वहीं अब विनय की कोशि‍श ने एक बार फिर जेल प्रबंधन को निशाने पर ला दिया है.

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राम सिंह ने जेल नंबर-3 में लगाई थी फांसी
गौरतलब है कि राम सिंह ने कोर्ट में पेशी से ठीक पहले सुबह 5 बजे तिहाड़ जेल में खुदकुशी कर अपनी जान दे दी थी. वह जेल नंबर-3 में बंद था. उसने जेल में लगी ग्रिल में अपनी शर्ट और दरी का फंदा बनाकर जान दी थी.

इस बीच, निर्भया की मां ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दोषियों को उनके कर्मों की सजा मिल रही है.

कोर्ट ने सुनाई है मौत की सजा
साल 2012 में 16 दिसंबर की रात चलती बस में गैंगरेप के मामले में कुल 6 आरोपी थे. राम सिंह की मौत के बाद मामले में बाकी पांच को दोषी पाया गया. पांच में एक नाबालिग दोषी को छोड़कर बाकी चार को सजा-ए-मौत का हुक्म दिया गया है. नाबालिग दोषी को मौजूदा कानून के तहत तीन साल के लिए बाल सुधार गृह भेजा गया था. उसे बीते साल दिसंबर में रिहा किया गया.

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