
दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में आसमान पर एक लेयर छाई हुई है. सुबह के वक्त ये सर्दियों के घने कोहरे की तरह लगता है लेकिन ये कोहरा नहीं बल्कि स्मॉग की मोटी चादर है. हालांकि आईएमडी के मुताबिक, इसमें कुछ हद तक कोहरा भी है. लेकिन अब सवाल ये है कि दिन-ब-दिन ये प्रदूषण क्यों बढ़ता जा रहा है और इससे कब राहत मिलेगी.
क्यों बढ़ रहा प्रदूषण?
मिनिस्ट्री ऑफ अर्थ एंड साइंस के मुताबिक, आज सुबह 7 बजे जब दिल्ली का AQI 464 था, तब खेत में जल रही आग का योगदान 44% था. इसका मतलब है कि खेत की आग को कर करके ही AQI में सुधार होगा.इसके बाद प्रदूषण की दूसरी सबसे बड़ी वजह दिल्ली का ट्रंसपोर्ट है, जिसकी भागीदागी 12% है और तीसरी वजह हरियाणा के झज्जर में थर्मल पावर प्लांट है.
बता दें कि 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक पंजाब में 9800 से ज्यादा पराली जलाने की घटनाएं दर्ज हुई हैं. वहीं, 1 नवंबर को पंजाब में पराली की 1921 घटनाएं दर्ज की गईं. दरअसल धान की कटाई के रबी की फसल की बुवाई से पहले किसान खेतों से पराली हटाने के लिए उनमें आग लगा देते हैं. ये काम अक्टूबर और नवंबर में होता है, जिसके चलते इस समय प्रदूषण में इजाफा देखने को मिलता है. हालांकि पिछले कुछ सालों के मुकाबले इस साल पराली की घटनाओं में कमी देखी गई है.
प्रदूषण से कब मिलेगी राहत?
दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से शुष्क मौसम की स्थिति देखी जा रही है और न्यूनतम और अधिकतम तापमान दोनों स्थिर बने हुए हैं. न्यूनतम 16 डिग्री और अधिकतम 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास है. उत्तर भारत के पहाड़ों पर एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ है. जिसके मद्देनजर दिल्ली के न्यूनतम तापमान में एक डिग्री या उससे अधिक की गिरावट देखी जा सकती है, लेकिन कुछ खास होने की उम्मीद नहीं है. न्यूनतम तापमान 15 डिग्री और अधिकतम तापमान 30-31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. लेकिन बारिश की उम्मीद नहीं है.
वहीं, हवाओं की रफ्तार भी तेज नहीं हो रही है, यही कारण है कि प्रदूषण उच्च स्तर पर बना हुआ है. उत्तरी राजस्थान के हिस्सों पर एक चक्रवात है जो हवाओं को हल्का और स्थिर बनाए हुए है लेकिन दिल्ली में बारिश देखने को नहीं मिलेगी और इसके साथ ही कम से कम अगले कुछ दिनों तक शहर में हवाएं हल्की रहेंगी. इससे यह भी सुनिश्चित है कि आगे वाले कुछ दिनों तक दिल्ली का प्रदूषण उच्च स्तर पर बना रहेगा.