Advertisement

सीएजी रिपोर्ट को लेकर दिल्ली विधानसभा में भिड़े सरकार और विपक्ष

दिल्ली विधानसभा में सीएजी रिपोर्ट पर आरोप-प्रत्यारोप खूब हो गए, लेकिन रिपोर्ट विधानसभा में पेश नहीं हुई. सड़क से लेकर सदन तक विपक्ष ने सरकार को सीएजी रिपोर्ट पर घेरने की कोशिश तो की, लेकिन सरकार टस मे मस नहीं हुई.

कैग रिपोर्ट पर केजरीवाल सरकार पर विपक्ष का हमला कैग रिपोर्ट पर केजरीवाल सरकार पर विपक्ष का हमला
कपिल शर्मा
  • नई दिल्ली,
  • 27 अगस्त 2016,
  • अपडेटेड 12:19 PM IST

दिल्ली विधानसभा में सीएजी रिपोर्ट पर आरोप-प्रत्यारोप खूब हो गए, लेकिन रिपोर्ट विधानसभा में पेश नहीं हुई. सड़क से लेकर सदन तक विपक्ष ने सरकार को सीएजी रिपोर्ट पर घेरने की कोशिश तो की, लेकिन सरकार टस मे मस नहीं हुई, उल्टा विपक्ष के नेता पर ही रिपोर्ट लीक करके सदन की अवमानना के लिए विशेषाधिकार हनन का मामला हाउस कमिटी को भेज दिया.

Advertisement

दरअसल विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने उपमुख्यमंत्री पर रिपोर्ट को लेकर सदन में झूठ बोलने के लिए विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया था, जिसे स्पीकर ने ठुकरा दिया. लेकिन दिलचस्प बात ये रही कि इसके बाद जब उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया बोलने के लिए खड़े हुए, तो उन्होंने उल्टे विजेंद्र गुप्ता पर ही रिपोर्ट लीक करने का आरोप जड़ दिया.

मनीष सिसोदिया ने कहा कि उन्हें 24 अगस्त को शाम साढे 5 बजे सीएजी की रिपोर्ट मिली थी, लेकिन इसके पहले ही विपक्ष के नेता ने एक प्रेस रिलीज़ जारी करके रिपोर्ट के तथ्य मीडिया को मुहैया करा दिए. सिसोदिया ने कहा कि सीएजी की रिपोर्ट कानूनन पहले सदन में पेश होनी चाहिए, लेकिन इसके पहले ही रिपोर्ट मीडिया के पास कैसे पहुंची, इसकी जांच की जानी चाहिए.

साथ ही उन्होंने विपक्ष के नेता पर रिपोर्ट लीक करने के लिए मामला विशेषाधिकारी समिति को भेजने की मांग की, जिसे स्पीकर ने स्वीकार कर लिया. इसके पहले सिसोदिया ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि रिपोर्ट में क्या है, लेकिन जो जानकारी उन्हें मीडिया में लीक हुई रिपोर्ट से मिली है, उसके मुताबिक दिल्ली सरकार के विज्ञापनों में कोई घोटाला नहीं हुआ है, ये साबित हो गया है.

Advertisement

साथ ही विपक्ष जिस 526 करोड़ की फिजूलखर्ची की बात करता था, वो भी गलत साबित हुई है क्योंकि लीक रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली सरकार ने विज्ञापनों पर सिर्फ 101 करोड़ रुपए खर्च किए हैं, जिनमें से 20 करोड़ पिछले साल के भी शामिल हैं.

इधर विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया कि सरकार ने विपक्ष की आवाज को दबाने की साजिश रची है और इसीलिए उनके खिलाफ विशेषाधिकार का मामला बनाया जा रहा है. सरकार की फिजूलखर्ची और गड़बड़ी सीएजी रिपोर्ट में उजागर हुई है, इसीलिए सरकार ने इस सत्र में सीएजी की रिपोर्ट टेबल नहीं की है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement