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संसद सुरक्षा चूक मामला: सभी 6 आरोपियों पर UAPA के तहत चलेगा केस, दिल्ली LG ने दी अनुमति

राजभवन के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली पुलिस ने यूएपीए की धारा 16 और 18 के तहत उपराज्यपाल से उनके खिलाफ मुकदमा चलाने का अनुरोध किया था, जिन्होंने रिकॉर्ड पर पर्याप्त सामग्री पाए जाने पर अभियोजन की मंजूरी दे दी.

संसद में 13 दिसंबक को हुआ था स्मोक अटैक संसद में 13 दिसंबक को हुआ था स्मोक अटैक
संजय शर्मा
  • नई दिल्ली,
  • 06 जून 2024,
  • अपडेटेड 8:30 PM IST

पिछले साल संसद की सुरक्षा में चूक के मामले में दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने आरोपियों पर UAPA के तहत मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी है. दरअसल, पिछले साल 13 दिसंबर को 23 साल पहले 13 दिसंबर 2001 को संसद पर हुए आतंकवादी हमले की बरसी पर एक बड़ी सुरक्षा चूक हुई थी. आरोपी सागर शर्मा और मनोरंजन डी शून्यकाल के दौरान संसद की गैलरी से लोकसभा कक्ष में कूद गए थे.

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उन्होंने रंगीन स्मोक कैन छोड़कर नारे लगाए थे. इस मामले में आरोपितों सागर शर्मा, नीलम आजाद, महेश कुमावत, ललित झा, डी. मनोरंजन और अमोल शिंदे को दिल्ली पुलिस ने गिफ्तार किया था.

राजभवन के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली पुलिस ने यूएपीए की धारा 16 और 18 के तहत उपराज्यपाल से उनके खिलाफ मुकदमा चलाने का अनुरोध किया था, जिन्होंने रिकॉर्ड पर पर्याप्त सामग्री पाए जाने पर अभियोजन की मंजूरी दे दी. 

राज निवास के एक अधिकारी ने कहा, "समीक्षा समिति ने पाया कि प्रथम दृष्टया आरोपियों के खिलाफ यूएपीए के तहत मामला बनता है." जबकि दिल्ली पुलिस ने यूएपीए के तहत आवश्यक अभियोजन स्वीकृति के लिए अनुरोध किया था, इस वर्ष 30 मई को समीक्षा समिति ने भी जांच एजेंसी द्वारा एकत्र किए गए संपूर्ण साक्ष्यों की जांच की थी और मामले में आरोपियों की संलिप्तता पाई थी. 

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तीन लेयर में है संसद भवन की सुरक्षा व्यवस्था

लोकसभा और राज्यसभा में अपने डायरेक्टर सिक्योरिटी सिस्टम होते हैं. विजिटर पास के लिए लोकसभा सचिवालय के फॉर्म पर किसी सांसद का रिकमेंडेशन सिग्नेचर जरूरी होता है. इसके साथ ही विजिटर को पास के लिए आधार कार्ड ले लाना होता है. विजिटर जब रिसेप्शन पर पहुंचता है, तो वहां मौजूद सुरक्षा गार्ड महिला और पुरुष को अलग-अलग फ्रिस्किंग करके जांच करते हैं. इसके बाद रिसेप्शन पर फोटो आईडी कार्ड बनता है. मोबाइल फोन को रिसेप्शन पर ही जमा कर लिया जाता है. इसके बाद विजिटर फोटो आइडेंटिटी कार्ड के साथ सिक्योरिटी कमांडो के जरिए गैलरी तक पहुंचता है. विजिटर गैलरी में ठहरने के लिए एक समयावधि होती है, जिसके बाद उसे बाहर कर दिया जाता है.

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