
Delhi School Cab Drivers Strike Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज, 1 अगस्त को स्कूली बच्चों और उनके पैरेंट्स को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बच्चों को स्कूल लेकर जाने वाले प्राइवेट कैब यूनियन ने आज (सोमवार), 1 अगस्त को एक दिन की हड़ताल की है. जिसकी वजह से कई पैरेंट्स अपने बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर परेशान होते दिखाई दिए. कुछ लोग सुबह-सुबह ऑफिस की भागदौड़ के बीच बच्चों को स्कूल छोड़ने पहुंचे तो कई महिलाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ा.
हालांकि, पैरेंट्स को मैसेज भेजकर इस बारे में पहले ही जानकारी दे दी गई थी कि 1 अगस्त यानी सोमवार को स्कूल वैन नहीं चलेंगी. ऐसे में पैरेंट्स अपनी सुविधानुसार, बच्चों को लाने और लेकर जाने की व्यवस्था करें. ऐसे में सभी स्कूल खुलने के बीच कैब ड्राइवर्स की हड़ताल की वजह से कक्षा में बच्चों की संख्या कम हो सकती है. पैरेंट्स को मिला ये मैसेज....
Dear Parents
Kindly note that school vans will not ply on Monday, the 1st August 2022 because of the strike. You are requested to make arrangements accordingly.
Warm wishes
Class Teacher
दिल्ली में प्राइवेट स्कूल कैब ड्राइवरों की हड़ताल के चलते पैरेंट्स खुद बच्चों को स्कूल पहुंचाने के लिए मजबूर हैं. शाहदरा से कश्मीरी गेट स्कूल में अपने बच्चों को छोड़ने पहुंचीं रश्मि ने कहा कि सुबह-सुबह बच्चों को स्कूल छोड़कर आना और फिर दोपहर में लेने जाना एक बड़ी परेशानी है. सरकार को इन कैब ड्राइवरों के बारे में सोचना चाहिए.
हड़ताल को मिला भारतीय किसान यूनियन का समर्थन
भारतीय किसान यूनियन के नेता गुरनम सिंह चारुणी (Gurnam Singh Charuni) ने समर्थन देते हुए कहा कि
दिल्ली सरकार स्कूल वाहन चालकों को अकेला समझने की गलती ना करें. भारतीय किसान यूनियन स्कूल ट्रांसपोर्ट यूनियन द्वारा 1 अगस्त को बुलाई गई हड़ताल का समर्थन करती है.
बता दें कि दिल्ली ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा निजी स्कूल कैब ड्राइवर को लेकर चलायें जा रहे विशेष अभियान के खिलाफ कैब ड्राइवर एक दिन की हड़ताल पर हैं. स्कूल कैब ड्राइवर की प्रमुख यूनियन की मांग है कि दिल्ली सरकार का ट्रांसपोर्ट विभाग प्राइवेट कैब्स को कमर्शियल कैब्स के रूप में बदलने की प्रक्रिया को शुरू करे.
दिल्ली स्कूल कैब ट्रांसपोर्ट एकता एसोसिएशन के अध्यक्ष रामटहल ने दिल्ली सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि ट्रांसपोर्ट विभाग ने स्कूल कैब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कैब्स को बंद करने एवं चालान करने का अभियान छेड़ रखा है. परिवहन विभाग की टीम 10,000 से लेकर 25000 तक के चालान कर रही है. ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारी स्कूल कैब को प्राइवेट कैब होने का हवाला देते हैं. रामटहल का कहना है कि लगभग 5 साल से दिल्ली सरकार व परिवहन विभाग की ओर से कैब चालकों को कमर्शियल स्कूल कैब खरीदने की इजाजत नहीं मिली.