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दिल्ली में पालतू डॉग का रजिस्ट्रेशन जरूरी, MCD ने कहा- लापरवाही की तो होगा एक्शन

दिल्ली-एनसीआर में पालतू डॉग के हमलों की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं. ऐसे में MCD ने कहा है कि लोग अपने पालतू डॉग का रजिस्ट्रेशन करवा लें. अगर इसमें लापरवाही बरती गई तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी. दिल्ली नगर अधिनियम 1957 की धारा 399 के तहत सभी पालतू डॉग्स का नगर निगम में पंजीकरण करना अनिवार्य है. इस धारा के तहत पब्लिक प्लेस पर कुत्ते को पकड़ा जा सकता है.

सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 12 सितंबर 2022,
  • अपडेटेड 7:39 AM IST

दिल्ली-NCR समेत देश के दूसरे हिस्सों में कुत्तों के हमले की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं. हाल के दिनों में डॉग बाइट्स के मामलों को देखते हुए MCD ने कहा है कि लोग अपने पालतू डॉग का तत्काल प्रभाव से रजिस्ट्रेशन करवा लें. साथ ही चेतावनी दी है कि अगर रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया तो डॉग मालिकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. 

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एजेंसी के मुताबिक MCD के पशु चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली नगर निगम अधिनियम में पालतू डॉग्स का पंजीकरण जरूरी है. लेकिन लोग अपने पालतू जानवरों का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए आगे आने से हिचक रहे हैं.  MCD की ओर से कहा गया है कि दिल्ली नगर अधिनियम 1957 की धारा 399 के तहत सभी पालतू डॉग्स का नगर निगम में पंजीकरण करना अनिवार्य है. इस धारा के तहत पब्लिक प्लेस पर कुत्ते को पकड़ा जा सकता है. साथ ही अगर किसी ने पालतू डॉग का पंजीकरण नहीं करवाया है तो पालतू जानवर के मालिक पर जुर्माना लगाने और यहां तक ​​कि FIR कराने का भी प्रावधान है. 

क्या है रजिस्ट्रेशन का मकसद


MCD ने कहा है कि हम नागरिकों से अपील करते हैं कि वे अपने पालतू डॉग का जल्द से जल्द पंजीकरण कराएं. अन्यथा अधिनियम के अनुसार उचित कार्रवाई की जा सकती है.  बयान में कहा गया है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य पालतू डॉग्स के मालिकों का डाटाबेस तैयार करना है. पालतू जानवरों के मालिकों की सुविधा के लिए MCD डॉग के पंजीकरण के लिए ऑनलाइन सुविधा है, ताकि लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो. 

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रजिस्ट्रेशन के लिए ये डॉक्यूमेंट्स जरूरी 


MCD की ओर से ये भी बताया गया है कि रजिस्ट्रेशन के लिए लोगों को कौन से डॉक्यूमेंट्स जमा कराने होंगे. एमसीडी की ओर से बताया गया है कि पालतू डॉग मालिकों को एंटी रेबीज वैक्सीन का सर्टिफिकेट, अपने डॉग की एक फोटो, मूल निवासी प्रमाण पत्र और मालिक की पहचान के लिए ID की जरूरत होगी.

कुत्तों के हमले के कई केस सामने आए


पिछले कुछ दिनों में नोएडा, गाजियाबाद और दूसरे हिस्सों कुत्ते के काटने के मामले सामने आए हैं. लिहाजा गाजियाबाद के संजय नगर इलाके में भी 10 साल के बच्चे पर पिटबुल ने हमला करके उसे बुरी तरह घायल कर दिया. डॉक्टर्स को बच्चे के चेहरे पर करीब 150 से ज्यादा टांके लगाने पड़े थे. 

गाजियाबाद से ही एक और मामला सामने आया था. यहां राज नगर एक्सटेंशन स्थित चार्ल्स कैसल सोसायटी की लिफ्ट में कुत्ते ने स्कूली बच्चे को काट लिया था. हैरान करने वाली बात ये है कि कुत्ते के काटने के बाद बच्चा दर्द से चिल्ला रहा था, लेकिन महिला चुपचाप खड़े होकर ये सब देख रही थी. 

वहीं ग्रेटर नोएडा में जेपी अमन सोसाइटी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें एक युवक डॉग को लेकर लिफ्ट में जा रहा था. जब एक महिला ने उसे डॉग ले लिफ्ट में ले जाने से मना किया तो युवक गालियां देने लगा. 

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उधर, वहीं महाराष्ट्र में पनवेल के इंडियाबुल्स ग्रीन्स मरीगोल्ड सीएचएस में 28 अगस्त को एक पालतू जर्मन शेफर्ड ने Zomato के डिलिवरी बॉय पर हमला कर दिया. यह हमला उस वक्त हुआ, जब डिलिवरी बॉय लिफ्ट से बाहर निकल रहा था. इससे डिलिवरी बॉय के प्राइवेट पार्ट पर चोट लग गई थी.

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