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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार कोरोना (Corona) के रिकॉर्ड केस सामने आ रहे हैं. इस बीच दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendra Jain) ने उम्मीद जताई है कि अब कोरोना मामलों में गिरावट आ सकती है. सत्येंद्र जैन ने कहा कि तीसरा पीक चल रहा है. पहला 23 जून को, दूसरा 17 सितंबर को और तीसरे पीक में अब 7 हज़ार केस सामने आए हैं. उन्होंने कहा, हमें लगता है इसके बाद डाउन ही जाना चाहिए.
अस्पतालों में बढ़ी बेड्स की संख्या
सत्येंद्र जैन ने शनिवार को कहा कि कल दिल्ली सरकार ने अस्पतालों में 500 बेड अलॉट किए हैं, जिसमें 110 ICU बेड भी शामिल हैं. इसके साथ प्राइवेट अस्पताल में 685 कोविड बेड बढ़ाए गए हैं. कुल 1185 बेड अस्पतालों में बढ़ाए गए हैं. सत्येंद्र जैन ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में ICU बेड्स हैं, लेकिन संपन्न लोग अधिकतर प्राइवेट अस्पतालों में जाना चाहते हैं. इसलिए कुछ प्राइवेट अस्पतालों में दिक्कत है. उन्होंने कहा कि 80% ICU बेड प्राइवेट अस्पताल में रिजर्व किए थे. जिस पर कोर्ट ने स्टे लगा दिया है. फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. कोर्ट के आदेश के खिलाफ नहीं जा सकते.
क्या और मामले बढ़ेंगे?
सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली में कोरोना का अब तीसरा पीक चल रहा है. पहला 23 जून को, दूसरा 17 सितंबर को आया था. अब तीसरी लहर के बाद डाउन ही जाना चाहिए.
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तीसरे पीक में इतने ज़्यादा मामले आने की वजह
तीसरे पीक में इतने ज्यादा केस आने के कारण पर सत्येंद्र जैन ने कहा कि त्योहारों का सीजन है. ऐसे में कई जगहों पर मार्केट में शॉपिंग के लिए भीड़भाड़ भी बढ़ी है. जिसकी वजह से संक्रमण के मामलों में इजाफा हुआ है. लोगों से अपील है कि जब तक वैक्सीन न मिले तब तक मास्क को हो वैक्सीन मानें और मास्क ज़रूर लगाएं.
मृत्यु दर पर उन्होंने कहा कि दिल्ली में 0.80% यानी 1% से भी कम मौतें हैं. पिछले 10 दिन का अगर औसत लिया जाए तो ओवरआल डेथ 1.61% है. देश के सभी बड़े शहरों में मुंबई, कोलकाता, बंगलुरु समेत तमाम शहरों के मुकाबले दिल्ली मृत्यु दर में 17वें नंबर पर है.
प्रदूषण पर क्या बोले स्वास्थ्य मंत्री
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि प्रदूषण कोविड-19 का कारण नहीं है लेकिन दोनों ही खतरनाक हैं. संक्रमण बढ़ाने की सबसे बड़ी वजह हमारा व्यवहार है. मास्क नहीं लगाना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करना सबसे बड़ा कारण है.