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एक्शन में वायु गुणवत्ता आयोग, दिल्ली-NCR में स्टोन क्रेशर, हॉट मिक्सिंग प्लांट्स 17 नवंबर तक बंद

दिल्ली एनसीआर खराब हवा के बीच वायु गुणवत्ता आयोग ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिए हैं की जब तक वैकल्पिक इंतजाम नहीं हो जाते तब तक ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान यानी grap की ज़िम्मेदारी संभाले।

सांकेतिक तस्वीर (फाइल फोटो) सांकेतिक तस्वीर (फाइल फोटो)
संजय शर्मा
  • नई दिल्ली,
  • 12 नवंबर 2020,
  • अपडेटेड 3:07 PM IST
  • एक्शन में आया वायु गुणवत्ता आयोग
  • केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन को लिखी चिट्ठी
  • दिल्ली एनसीआर सहित उत्तर भारत में हवा की गुणवत्ता खराब

दिल्ली एनसीआर की खराब हवा के बीच वायु गुणवत्ता आयोग एक्शन में है. आयोग ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिए हैं कि जब तक वैकल्पिक इंतजाम नहीं हो जाते तब तक ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान यानी grap की ज़िम्मेदारी संभालें. यानी इस परियोजना के संचालन और बाकी पहलू पर निगरानी करें.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन को लिखी चिट्ठी
आयोग के चेयरमैन एम एम कुट्टी ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन को इस बाबत चिट्ठी लिखी है. आयोग ने बोर्ड से कहा है कि Grap को लेकर आयोग वैकल्पिक तंत्र विकसित कर रहा है. चूंकि, दिल्ली एनसीआर सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में हवा गंभीर और आपातस्थिति तक खराब हो चुकी है लिहाज़ा इस पर कड़ी निगरानी रखने और उसी मुताबिक फौरी उपाय करने ज़रूरी हैं. तब तक CPCB ये जिम्मेदारी संभाल ले. 

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हॉट मिक्सिंग प्लांट्स तुरंत बंद करने का आदेश 
चिट्ठी मिलने के बाद बोर्ड ने फ़ौरन कार्रवाई करते हुए दिल्ली एनसीआर में स्टोन क्रेशर और हॉट मिक्सिंग प्लांट्स तुरंत बंद करने का फरमान जारी कर दिया. ये पाबंदी 17 नवंबर तक जारी रहेगी. इसके बाद बोर्ड हवा की गुणवत्ता की स्थिति की समीक्षा करेगा. इस बीच बोर्ड ने हरियाणा और पंजाब के मुख्य सचिवों को राज्य में पराली जलाए जाने पर पूरी तरह पाबंदी लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा है. 

इन राज्यों के मुख्य सचिवों को भी लिखी चिट्ठी 
आयोग में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव भी शामिल हैं. आयोग ने इनको भी चिट्ठी लिखकर अपने यहां स्थिति पर निगरानी रखने और तुरंत उठाने वाले कदमों पर बोर्ड के विशेषज्ञों के साथ सलाह कर तुरंत ही उपाय करने के लिए कहा है. GRAP के तहत प्रदूषण के स्तर के मुताबिक प्रतिबंध लगाने के लिए समुचित कदम उठाने का प्रावधान है.

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