
दिल्ली के धार्मिक केन्द्र और बहुचर्चित कालकाजी मंदिर में शौचालय की खराबी को लेकर सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंपी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि कालकाजी मंदिर परिसर में 3 शौचालय हैं और तीनों ही खराब पड़े हैं. जबकि वहां पर 3 और नए शौचालयों की जरूरत है. इस रिपोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जाहिर की है.
सुप्रीम कोर्ट ने डीडीए, दिल्ली जल बोर्ड और दक्षिण दिल्ली नगर निगम को आदेश जारी किया कि वे अपने आला अधिकारियों की एक संयुक्त बैठक करें. वे यह खोजें कि मंदिर में नए शौचालयों के निर्माण के लिए जमीन कहां पर दी जाए. नए शौचालयों के निर्माण के लिए पैसा कैसे एकत्र किया जाए. इस कार्य में स्वयं सेवकों से चंदे के रूप में भी मदद ली जा सकती है.
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में DDA से मंदिर के लिए शौचालय बनाने के लिए जमीन देने की बात कही है. इसके अलावा दिल्ली जल बोर्ड इसके लिए पानी और सीवर व्यवस्था का प्रबंध करे और नगर निगम शौचालयों का निर्माण कराए.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जल बोर्ड हर हाल में सीवर लाइन बिछाने के काम का टेंडर 31 मार्च तक जारी कर दे. इस कार्य के लिए मंदिर प्रबंधन ने 91 लाख रूपए दिए हैं. ऐसे में वे जल्दी काम पूरा करने की बात कहते हैं. इस मामले में अगली सुनवाई 24 अप्रैल को होगी.