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दिल्ली में यमुना ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का खतरा, निचले इलाकों में स्कूल बंद

हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से हर घंटे 1 से 2 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. 12 जुलाई को आधी रात 1 बजे से लेकर शाम 8 बजे तक हथिनीकुंड बैराज से 30 लाख 70 हजार क्यूसेक से ज़्यादा पानी छोड़ा गया है. इसके चलते पुराना रेलवे पुल पर यमुना का जलस्तर 1978 के रिकॉर्ड को तोड़ चुका है.

बाढ़ के पानी में ट्रैक्टर से सामान लेकर सुरक्षित स्थान पर जाते लोग (Photo- PTI) बाढ़ के पानी में ट्रैक्टर से सामान लेकर सुरक्षित स्थान पर जाते लोग (Photo- PTI)
पंकज जैन/अरविंद ओझा
  • नई दिल्ली,
  • 12 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 7:09 AM IST

क्या 45 साल बाद एक बार फिर राजधानी दिल्ली डूबने वाली है? ये सवाल पिछले दो दिनों से हर किसी के जहन में बना हुआ है. कारण, हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने पर यमुना का रौद्ररूप दिख रहा है. यमुना का जलस्तर बुधवार रात को 208 मीटर को पार गया है. यानी दिल्ली में यमुना नदी खतरे के निशान से करीब 2 मीटर ऊपर बह रही है. बुधवार रात 11 बजे जलस्तर 208.8 मीटर दर्ज किया गया है. सन 1900 के बाद से यह पहली बार है जब यमुना का स्तर 207.49 को क्रॉस कर गया है. इससे पहले 1978 में आखिरी बार यमुना का स्तर सबसे अधिक दर्ज हुआ था. तब ये 207.49 मीटर था, जो अभी तक रिकॉर्ड माना जाता था.

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अब अगले 24 घंटे दिल्ली पर काफी भारी हो सकते हैं. सैलाब के रूप में हरियाणा से दिल्ली की ओर खतरा पल-पल बढ़ रहा है. बाढ़ प्रभावित इलाकों में धारा 144 लागू कर दी गई है. निचले इलाकों में बिगड़ते हालात के बीच एनडीआरएफ ने मोर्चा संभाल लिया है. साढ़े 16 हजार से अधिक लोगों को शिफ्ट किया गया है. गुरुवार सुबह 8 बजे तक पानी का स्तर 208.30 तक पहुंचने की संभावना है.

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हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से हर घंटे 1 से 2 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. 12 जुलाई को आधी रात 1 बजे से लेकर शाम 8 बजे तक हथिनीकुंड बैराज से 30 लाख 70 हजार क्यूसेक से ज़्यादा पानी छोड़ा गया है. इसके चलते पुराना रेलवे पुल पर यमुना का जलस्तर 1978 के रिकॉर्ड को तोड़ चुका है. 100 वर्षों से अधिक समय में पहली बार दिल्ली में यमुना में इतना पानी बह रहा है.

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24 घंटे में हरियाणा से दिल्ली पहुंचता है पानी

आपको बता दें कि हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से जो पानी छोड़ा जाता है, उसको दिल्ली पहुंचने में 24 घंटे का समय लगता है. इसका मतलब ये है कि दिल्ली में खतरा अभी टला नहीं है, क्योंकि पानी आने के सिलसिल लगातार जारी है. इसको लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गृह मंत्री को चिट्ठी भी लिखी है, जिसमें उन्होंने अनुरोध किया है कि संभव हो तो हथिनीकुंड बैराज से और अधिक पानी न छोड़ा जाए. 

निचले इलाकों के स्कूल रहेंगे बंद

नगर निकाय ने बुधवार को आदेश जारी करते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में बाढ़ जैसी स्थिति के कारण निचले इलाकों में स्कूल 13 जुलाई को बंद रहेंगे. शिक्षा विभाग ने कहा कि सिविल लाइंस जोन के निचले इलाकों में 10 स्कूल, शहादरा (दक्षिण) जोन में 6 स्कूलों और शहादरा (उत्तर) जोन में एक स्कूल बंद रखने का फैसला किया गया है. इन स्कूलों के छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित की जाएंगी.

जानवरों का भी बुरा हाल

सिग्नेचर ब्रिज से लेकर कश्मीरी गेट तक के इलाकों में लोग अपने घरों का सामान पैक करने लगे हैं. यमुना नदी के घाटों पर चल रहे निर्माण कार्य को अंजाम देने वाले मजदूर अपना सामान पैक करके अपने मूल जनपद की तरफ रवाना होने लगे हैं. यमुना के बढ़ते जलस्तर से न सिर्फ इंसानों को दिक्कत हो रही है, बल्कि जानवर भी इससे जूझ रहे हैं. कश्मीरी गेट के नजदीक मौजूद गौशाला में भी पानी भर गया है. वहीं आवारा पशु भी जलभराव से बचने के लिए दर-दर भटकते नजर आ रहे हैं.

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डीडीएमए की बैठक में लिए जा सकते हैं अहम फैसले

उधर, जैसे ही यमुना में जलस्तर का 45 साल का रिकॉर्ड टूटा, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इमरजेंसी बैठक बुलाई. इस बैठक में दिल्ली सरकार के तमाम मंत्री दिल्ली की मेयर और रेवेन्यू समेत फ्लैट डिपार्टमेंट के बड़े अधिकारी मौजूद रहे. दिल्ली के छह जिलों में 12 टीम भी तैनात की गई हैं. ओल्ड यमुना ब्रिज पर यातायात पर प्रतिबंध जारी रखने का फैसला लिया गया है. बाढ़ की स्थिति पर विचार करने के लिए गुरुवार दोपहर 12 बजे राजनिवास में दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक बुलाई गई है. बैठक में स्थिति से निपटने को लेकर अहम फैसले लिए जा सकते हैं.

यमुना नदी से सटे इन इलाकों को तुरंत छोड़ने की चेतावनी 

बाढ़ के खतरे को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने निचले इलाकों को खाली करने की चेतावनी जारी की है. इनमें बोट क्लब, मोनेस्ट्री मार्केट, पुराने रेलवे ब्रिज के पास नीली छत्री मंदिर, यमुना बाजार, गीता घाट, नीम करोली गौशाला, विश्वकर्मा और खड्डा कॉलोनी, गढ़ी मांडू, मजनू का टीला से वजीराबाद तक का क्षेत्र शामिल है. सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के निचले क्षेत्र उस्मानपुर, बदरपुर खादर में यमुना के पास वाले इलाकों में लोग अपने घरों को खाली कर दें. इसके अलावा डीएनडी, मयूर विहार, जगतपुर में मेन पुश्ता रोड, सराय काले खां पर भेलोपुर, श्मशान घाट, जैन मंदिर, ग्यासपुर और मिलेनियम डिपो के आस-पास बसी झुग्गियों को खाली करने को कहा गया है. 

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जल्द ही यमुना नदी का जलस्तर कम होने की उम्मीद नहीं: केजरीवाल 

सीएम अरविंद केजरीवाल ने बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखने के कुछ देर बाद उनके पास केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत का फोन आया था. उन्होंने बताया कि हथिनीकुंड सिर्फ बैराज है और उसके पीछे कोई रिजर्वायर (जलाशय) नहीं है. वहां पानी को रोकने की कोई सुविधा नहीं है. इसलिए पानी रोका नहीं जा सकता. उन्होंने यह भी बताया कि अब हिमाचल प्रदेश से आने वाला पानी कम होने लगा है और आने वाले एक-दो दिन में स्थिति में सुधार आ जाएगा. यानी हथिनीकुंड बैराज से पानी आने का सिलसिला जारी रह सकता है.

यमुना नदी पर दो-दो किलोमीटर पर तैनात हैं 50 बोट 

दिल्ली सरकार ने बाढ़ ग्रस्त इलाकों में लोगों तक पहुंचने के लिए 50 बोट का इंतजाम किया है. इन सभी बोट्स को पल्ला से लेकर ओखला बैराज तक दो-दो किलोमीटर की दूरी पर तैनात किया गया है. साथ ही दिल्ली के अलग-अलग 6 जिलों, इनमें नॉर्थ, शाहदरा, नॉर्थ ईस्ट, ईस्ट, सेंट्रल और साउथ ईस्ट दिल्ली में दो हजार सात सौ से ज्यादा राहत कैंप लगाए गए हैं. सरकार हर स्थिति से निपटने की तैयारी में जुटी है.

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