आम आदमी पार्टी के दो बड़े नेता जेल में हैं और दिग्गजों में अब केजरीवाल ही बाहर रह गए हैं. फिर भी, वे पूरी ताकत से लोकसभा चुनाव के लिए मैदान में उतर रहे हैं. पंजाब में वकील लड़ रहे हैं जबकि चार और राज्यों में भी दम लगा रहे हैं. मुंबई में विपक्ष शक्ति प्रदर्शन कर रहा है. तमाम दिग्गज जुट रहे हैं, लेकिन दिल्ली में गठबंधन के बाद भी केजरीवाल राहुल गांधी की इस रैली में नहीं होंगे. सवाल यह है कि क्या आम आदमी पार्टी और केजरीवाल शराब घोटाले केस के चलते शिकंजा कस जाने से इतने परेशान हो गए हैं क्योंकि उनकी सियासत पर असर पड़ रहा है. 2024 के चुनाव में यूं तो केजरीवाल की पार्टी तीन चार राज्यों पर फोकस कर रही है, लेकिन यह तय है कि केजरीवाल से लेकर मनीष चौधरी और संजय सिंह के कानूनी पछड़ों में फंस जाने के बाद उनकी सियासी मुहिम पर असर पड़ेगा.