स्वामी रामदेव ने आजतक के साथ विशेष बातचीत की. जिसमें उन्होंने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार साझा किए. वे मितवयता का जीवन जीते हैं और खुद एक साधारण झोपड़ी में रहते हैं. उनका मानना है कि सार्वजनिक जीवन में भव्यता होनी चाहिए, लेकिन व्यक्तिगत जीवन में साधारणता और न्यूनतम आवश्यकताओं का पालन करना चाहिए.