
गुजरात के अहमदाबाद सिविल अस्पताल में ब्रेनडेड मरीज के अंगदान ने तीन लोगों का नया जीवन मिला है. मजदूरी करके अपना जीवन व्यतीत करने वाले राजस्थान के ब्रेन डेड शख्स (उम्र- 43 साल) हरि सिंह चौहान के परिवार की अनुमति से उनकी लीवर और दोनों किडनी जरूरतमंद मरीजों को दान किया गया. हरिसिंह के अंगदान से तीन मरीजों का नया जीवन मिला है.
दरअसल मजदूरी करके जीवन चलाने वाले 43 साल के हरि सिंह चौहान बाइक से जा रहे थे और इसी दौरान उदयपुर में उनका एक्सीडेंट हो गया था. इसके बाद उन्हें इलाज के लिए अहमदाबाद के सरकारी अस्पताल में 17 जून को भर्ती कराया गया था. हरि सिंह का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने उन्हें 26 जून को ब्रेनडेड घोषित कर दिया था.
तीन लोगों को मिली नई जिंदगी
43 साल के हरि सिंह अविवाहित थे, उनके परिवार में उनकी मां और भाई महेंद्र सिंह थे. ब्रेन डेड हरि सिंह के बारे में परिवार को डॉक्टरों की टीम ने अवगत कराकर अंगदान के बारे में जानकारी दी. इसके बाद ब्रेन डेड हरि सिंह के परिवार ने अंगदान की अनुमति दी. हरि सिंह के परिवार ने उनकी दो किडनी और लीवर का अंगदान दिया.
अहमदाबाद सिविल अस्पताल के सुप्रीटेंडेंट डॉक्टर राकेश जोशी ने कहा, 158वें अंगदान से प्राप्त हुई किडनी और लीवर हॉस्पिटल में जरूरतमंद मरीजों में प्रत्यारोपित किया जाएगा. उन्होंने कहा, जब मरीज ब्रेन डेड होते हैं तब हमारी टीम की तरफ से परिवार का काउंसिलिंग करके उन्हें मरीज की स्थिति से अवगत करवाया जाता है.
डॉक्टर जोशी ने कहा, अंगदान के लिए कई परिवार के लोग तैयार होते है. हरि सिंह का यह सिविल हॉस्पिटल में हुआ 158वा अंगदान था. अब तक 158 अंगदाताओं के माध्यम से हमें 511 अंग दान में प्राप्त हुए है. जिनके माध्यम से अभी तक 495 लोगों को नया जीवन मिल चुका है.