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43 ATM कार्ड, 21 चेकबुक, 15 फोन और PAN... ठगों ने बैंक का पूरा सिस्टम ही बना डाला, 10 दिन में निकाले ₹4 करोड़

अहमदाबाद साइबर क्राइम के द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सुरेश बिश्नोई, अनिल बिश्नोई, कैलाश बिश्नोई, हुकमराम बिश्नोई, मनीष बिश्नोई, विकास बिश्नोई, राकेश बिश्नोई, मंकुल बिश्नोई, ललित कुमार और कुलदीप शामिल है. इन सभी के बैंक अकाउंट किस आधार पर खोले गए, इसकी भी जानकारी हासिल की जा रही है.

अहमदाबाद साइबर क्राइम अहमदाबाद साइबर क्राइम
अतुल तिवारी
  • अहमदाबाद,
  • 14 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 3:33 PM IST

अहमदाबाद (Ahmedabad) की साइबर क्राइम ब्रांच ने चाइनीज गैंग को इंडियन बैंक अकाउंट्स प्रोवाइड करने वाले गैंग का भंडाफोड़ किया है. कुल 11 अपराधियों को साइबर क्राइम ने गिरफ्तार किया है. यह गैंग नकली आधार कार्ड की मदद से बैंक अकाउंट खुलवाकर साइबर फ्रॉड के पैसों की हेरा-फेरी करने के लिए चाइनीज गैंग को बैंक अकाउंट पहुंचाने में मदद करते थे.

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अहमदाबाद में चांदखेड़ा के एक फ्लैट में 5 फरवरी को रेड करके साइबर क्राइम ने 9 लोगों को गिरफ्तार किया है. 2 लोगों को राजस्थान से गिरफ्तार किया है. जांच के दौरान पुलिस को 43 एटीएम कार्ड, 21 चेकबुक, 10 पासबुक, 15 मोबाइल फोन, 12 पैन कार्ड, 10 आधार कार्ड, 1 पिस्तौल और 7 कारतूस बरामद किए गए हैं. इन अपराधियों के बैंक अकाउंट में पिछले सिर्फ 10 दिन में ही 4 करोड़ से ज्यादा का ट्रांजैक्शन मिला हुआ है.

'21 राज्यों में 109 शिकायतें...'

अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच की डीसीपी लवीना सिंहा ने बताया, "आरोपियों के खिलाफ देश के 21 राज्यों में 109 पुलिस शिकायत दर्ज हैं, जिनमें बैंक एकाउंट्स का इस्तेमाल हुआ है. इन अपराधियों के नाम से अलग-अलग 26 बैंक अकाउंट्स खुलवाए गए थे." 

उन्होंने आगे बताया कि पिछले 4 महीने से इन बैंक अकाउंट्स का इस्तेमाल इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, टास्क फ्रॉड और टेलीग्राम फ्रॉड में किया जाता था. इनमें से मुख्य आरोपी अनिल और सुरेश बिश्नोई राजस्थान में रहने वाले अपने दोस्त, रिश्तेदार, ग्रामवासीयों को गुजरात और महाराष्ट्र लाते थे. 

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डीसीपी ने बताया कि अहमदाबाद में ऐसे लोगो को रेंट पर रखकर, रेंट एग्रीमेंट बनवाकर आधार कार्ड का एड्रेस बदलवाकर बैंक अकाउंट खुलवाये जाते थे और इसकी डीटेल्स चाइनीज गैंग को भेजी जाती थी. इस पूरे मामले में तीन मास्टर माइंड हैं, जिनमें से एक गिरफ्तार हो चुका है और दो के खिलाफ जांच जारी है.

ऐसे चलता था गैंग का नेटवर्क

गैंग का मास्टर माइंड कुलदीप है, वो बाकी दो मास्टर माइंड अभिषेक और सुनील के संपर्क में रहता था. ये तीनों एक-दूसरे गैंग, चाइनीज गैंग के संपर्क में रहते थे. 19 साल का सुरेश और 20 साल का अनिल बिश्नोई पिछले चार महीने से 20 हजार रुपए के कमीशन पर बैंक अकाउंट सप्लाई करते थे. 

जांच के दौरान बरामद हुए हथियारों पर पुलिस का कहना है, "हथियार राकेश और उपमाराम मध्य प्रदेश से 25 हजार में खरीदकर लाए थे. राजस्थान के जोधपुर जेल में कैद जेपी नाम के अपराधी को हथियार पहुंचाना था. इससे पहले भी तीन बार हथियार मध्य प्रदेश से अहमदाबाद लाकर जोधपुर में डिलीवर किए गए थे."

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अहमदाबाद साइबर क्राइम के द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सुरेश बिश्नोई, अनिल बिश्नोई, कैलाश बिश्नोई, हुकमराम बिश्नोई, मनीष बिश्नोई, विकास बिश्नोई, राकेश बिश्नोई, मंकुल बिश्नोई, ललित कुमार और कुलदीप शामिल है. इन सभी के बैंक अकाउंट किस आधार पर खोले गए, इसकी भी जानकारी हासिल की जा रही है. 

आधार कार्ड किस दस्तावेज के हिसाब से जारी किया गया और उसमें बदलाव किस आधार पर हुआ, इसकी जानकारी UIDAI के पास ही रहती है, जिसके लिए पुलिस हाई कोर्ट की मदद से पता लगाने की कोशिश करेगी.
 

 

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