
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 27% का रैसिप्रोकल टैरिफ लगाया है. इस ऐलान के बाद अब सभी की नजरें भारत सरकार पर टिकी हैं, क्योंकि फार्मा इंडस्ट्री को छोड़कर भारत के जितनी बड़ी निर्यात आधारित इंडस्ट्री हैं, उन पर बड़ा असर देखने को मिलेगा. भारत के एग्रीकल्चर प्रोडक्ट का निर्यात सबसे ज्यादा है, ऐसे में सबसे ज्यादा असर इसी इंडस्ट्री पर दिखेगा. इसके साथ ही टैक्सटाइल, केमिकल और जैम्स एंड ज्वैलरी इंडस्ट्री पर भी टैरिफ का नकारात्मक असर होगा.
गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष शैलेष पटवारी ने कहा कि टैक्सटाइल और केमिकल इंडस्ट्री में देश के निर्यात का 50 प्रतिशत से ज्यादा गुजरात का हिस्सा है, इसका सीधा असर इन इंडस्ट्री पर होने वाला है. टैक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए राहत की बात ये है कि प्रतिस्पर्धी देश पाकिस्तान और बांग्लादेश में हमसे ज्यादा टैरिफ है. मंदी की मार झेल रही जैम्स एंड ज्वैलरी इंडस्ट्री को अभी राहत के आसार नहीं हैं, क्योंकि इस बढ़े हुए टैरिफ का सीधा असर इस इंडस्ट्री पर देखने को मि्लेगा और व्यापार कम भी हो सकता है, क्योंकि लोगों को ये चीजें ज्यादा महंगी मिलेंगी. केमिकल इंडस्ट्री पर भी इस टैरिफ का नकारात्मक असर दिखेगा. लेकिन केंद्र सरकार से उम्मीद है कि वह कोई रास्ता निकालेगी.
जेम्स एंड ज्वेलरी काउंसिल के पूर्व रीजनल चेयरमैन दिनेश नावड़िया ने कहा कि इस इंडस्ट्री का 12 बिलियन डॉलर का एक्सपोर्ट है. ऐसे में टैरिफ का नकारात्मक असर जरूर होगा. कट एंड पॉलिश डायमंड पर टैरिफ 0 से बढ़कर 26 प्रतिशत हुआ है, तो सीबीडी डायमंड पर भी 0 से 26 प्रतिशत टैरिफ हो गया है. जेम्स स्टोन पर पहले 5-6 प्रतिशत टैरिफ था, वह अब 31 प्रतिशत हो गया है.
डायमंड गोल्ड ज्वैलरी में भी 5 प्रतिशत से बढ़कर 31 प्रतिशत टैरिफ हो जाएगा. जिसका सीधा असर प्रोडक्ट खरीदने वालों पर होगाउन्होंने कहा कि गोल्ड 95 हजार तक पहुंच चुका है, शुरुआत में इसका असर देखने को मिलेगा. सूरत-गुजरात के जेम्स-ज्वैलरी का व्यापार कम होगा, तो इंडस्ट्री के साथ जुड़े सभी लोगों पर इसका असर दिखेगा ये निश्चित है. इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का मानना है कि टैरिफ का असर नकारात्मक जरूर होगा, लेकिन प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले भारत पर टैरिफ कम होने का फायदा भी मिलेगा.