
गुजरात के अहमदाबाद में एक प्राइवेट अस्पताल में आयुष्मान योजना के लालच के नाम पर 19 मरीजों की एंजियोप्लास्टी मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है. दो मरीजों की मौत भी हुई थी. अब गुजरात सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव धनंजय द्विवेदी ने कहा कि ख्याति हॉस्पिटल मे हुई घटना को लेकर कमिटी की जांच मे सामने आया है कि जिनकी मौत हुई है, उनकी एंजियोप्लास्टी की जरूरत ही नहीं थी.
अस्पताल के मालिक समेत कई लोगों पर एफआईआर
अधिकारी ने बताया कि ख्याति हॉस्पिटल का आयुष्मान से लाभ बंद कर दिया गया है. हॉस्पिटल के मालिक, डॉक्टर्स, संचालक पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 336,61 के तहत पुलिस शिकायत दर्ज की जा रही है. उन्होंने बताया कि ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर्स पर एक्शन के लिए मेडिकल काउंसिल से अपील की जाएगी. सरकार जल्द ही नए नियमों को लेकर गाइडलाइन जारी करेगी.
जानें क्या था मामला
दरअसल, अहमदाबाद के एक प्राइवेट मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने आयुष्मान योजना का लाभ उठाने के लिए 19 मरीजों की बिना एंजियोग्राफी कर दी और 7 लोगो में स्टेंट लगा दिए. आरोप है कि जिन 7 मरीजों को स्टेंट लगाया गया उनमें से दो की मौत हो गई और 5 लोगों का आईसीयू में इलाज चल रहा है. हैरान करने वाली बात ये है कि इन मरीजों को अस्पताल में जांच के नाम पर बुलाया गया था. लेकिन यहां बिना घरवालों को जानकारी दिए एंजियोग्राफी और स्टेंट लगा दिए गए.
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जानकारी के अनुसार, ख्याति मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल द्वारा कड़ी के बोरीसणा गांव में मेडिकल चेकअप के नाम पर एक कैंप लगाया गया था. इस कैंप में 90 लोगों की जांच की गई थी. आरोप है कि 19 लोगों को ख्याति मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल द्वारा आगे की जांच के लिए अहमदाबाद स्थित हॉस्पिटल में आने के लिए कहा गया था. दो दिन पहले ही 19 मरीजों को हॉस्पिटल में लाने के लिए गाड़ी भेजी गई थी.
आरोप है कि हॉस्पिटल पहुंचे मरीजों की जांच के नाम पर एंजियोग्राफी कर दी गई. यही नहीं 7 लोगों को स्टेंट भी लगा दिया गया. ख्याति मल्टी स्पेशलिटी के डॉक्टरो ने इसके लिए सभी 19 लोगों के परिवार को कुछ भी बताना मुनासिब तक नहीं समझा. परिवार को एंजियोग्राफी और स्टेंट लगाने के बारें में कोई जानकारी तक नहीं दी गई.