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बिलकिस बानो केस के एक और दोषी को मिली पैरोल, गुजरात हाईकोर्ट में दी थी ये दलील

सुप्रीम कोर्ट में गुजरात सरकार के हलफनामे के मुताबिक, चंदना ने 2008 में कैद के बाद से 1,198 दिनों की पैरोल और 378 दिनों की रिहाई का आनंद लिया है. इससे पहले, मामले में एक अन्य दोषी प्रदीप मोधिया को हाईकोर्ट द्वारा उसकी पैरोल याचिका की अनुमति के बाद 7 से 11 फरवरी तक पैरोल पर गोधरा जेल से रिहा किया गया था.

बिलकिस बानो. बिलकिस बानो.
ब्रिजेश दोशी
  • अहमदाबाद,
  • 23 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 11:42 PM IST

गुजरात हाईकोर्ट ने बिलकिस बानो मामले के दोषी रमेश चंदना को पांच मार्च को होने वाली अपने भांजे की शादी में शामिल होने के लिए शुक्रवार को 10 दिन की पैरोल दे दी. चंदना ने पिछले हफ्ते ही पैरोल के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था. इस मामले में पैरोल पाने वाले वह दूसरे दोषी हैं. 

न्यायमूर्ति दिव्येश जोशी ने शुक्रवार को जारी अपने आदेश में कहा, "इस आवेदन के द्वारा दोषी-आवेदक अपनी बहन के बेटे के विवाह समारोह में शामिल होने के आधार पर पैरोल छुट्टी की प्रार्थना करता है. इस आवेदन में आग्रह किए गए आधारों को ध्यान में रखते हुए, आवेदक-अभियुक्त को दस दिनों की अवधि के लिए पैरोल अवकाश पर रिहा करने का आदेश दिया जाता है."

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सुप्रीम कोर्ट में गुजरात सरकार के हलफनामे के मुताबिक, चंदना ने 2008 में कैद के बाद से 1,198 दिनों की पैरोल और 378 दिनों की रिहाई का आनंद लिया है.
इससे पहले, मामले में एक अन्य दोषी प्रदीप मोधिया को हाईकोर्ट द्वारा उसकी पैरोल याचिका की अनुमति के बाद 7 से 11 फरवरी तक पैरोल पर गोधरा जेल से रिहा किया गया था.

बता दें कि अगस्त 2022 में, राज्य सरकार द्वारा कारावास के दौरान उनके 'अच्छे आचरण' का हवाला देते हुए, अपनी 1992 की नीति को ध्यान में रखते हुए, आजीवन कारावास की सजा काट रहे 11 दोषियों को समय से पहले जेल से रिहा कर दिया गया था. हालांकि 8 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने सभी 11 दोषियों की सजा में छूट को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि राज्य सरकार के पास दोषियों को समय से पहले रिहाई देने का अधिकार क्षेत्र नहीं है, क्योंकि 2002 के मामले की सुनवाई महाराष्ट्र में हुई थी. इसके बाद सभी दोषियों ने सरेंडर कर दिया था.

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(पीटीआई के इनुपट के साथ)

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