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सरकारी नौकरी का झांसा देकर ठगी... मंत्री का PA बन 15 लोगों से ऐंठे 43 लाख, एक आरोपी अरेस्ट

गुजरात के बोटाद में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 15 लोगों से ठगी का मामला सामने आया है. एक आरोपी ने खुद को गुजरात सरकार के मंत्री का पीए बताकर लोगों से 43.50 लाख रुपये ऐंठ लिये. मामले में एक महिला समेत तीन आरोपियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत की गई थी. इसके बाद पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है.

नौकरी के नाम पर ठगी करने वाला एक आरोपी गिरफ्तार नौकरी के नाम पर ठगी करने वाला एक आरोपी गिरफ्तार
ब्रिजेश दोशी
  • अहमदाबाद,
  • 23 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 5:16 PM IST

गुजरात सेवा चयन बोर्ड ने वर्ष 2022 में मल्टीपर्पस हेल्थ वर्कर की भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की थी. इसमें छात्रों को नौकरी दिलाने की बात कहकर जगदीश पंचाल और 2 अन्य व्यक्तियों ने प्रत्येक से लाखों रुपये ऐंठ लिये. इन तीनों लोगों पर 15 लोगों से 43.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई.

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बोटाद की हेतलबेन भी पीड़ितों में एक हैं. वह भी सरकारी नौकरी पाने के प्रलोभन में फंस गईं और धोखाधड़ी का शिकार हो गईं. इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. खुद पीड़ित होने के बाद जब उन्होंने जांच की तो उनके जैसे 14 अन्य लोग भी धोखाधड़ी के शिकार मिले.

दो साल पहले सरकारी नौकरी का दिया था झांसा
हेतलबेन की शिकायत के अनुसार, 2 साल पहले वह दर्शन के लिए सालंगपुर हनुमान मंदिर गई थीं. वहां उनकी मुलाकात भरत सोलंकी से हुई. उसने दावा किया कि उनकी पहचानवाली शिल्पा दवे के गांधीनगर में कई जानेमाने लोगों से संपर्क हैं. अब सरकार ने बहनों के लिए नौकरी का विज्ञापन निकाला है. अगर आपको नौकरी चाहिए तो सेटिंग से मिल जाएगी.

फिर उनकी मुलाकात शिल्पाबेन से हुई और उन्होंने भी यही दावा किया कि सरकार के मंत्रियों से मेरी पहचान है.  आपको नौकरी दिला दूंगी. आप बस फॉर्म भरें फिर सेटिंग से आपको नौकरी दिलवा देंगे. इसके लिए आपको रुपये देने होंगे. कुछ दिनों बाद शिल्पाबेन ने उन्हें फोन किया और गांधीनगर आने के लिए कहा और उसे अपने साथ 2 लाख रुपये लाने के लिए कहा.

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मंत्री का पीए बताकर कराई मुलाकात
इसके बाद हेतलबेन गांधीनगर पहुंचीं, जहां शिल्पाबेन ने उनकी मुलाकात जगदीशभाई से कराई. उन्होंने खुद को मंत्री का पीए बताया. उन्होंने कहा कि आपकी नौकरी के लिए सारी बात हो चुकी है, तुम शिल्पाबेन को पैसे दे दो तो तुम्हारा काम हो जाएगा. इसके बाद शिल्पाबेन ने अलग-अलग मौके पर कुल 8 लाख रुपये लिये, लेकिन जॉब लेटर नहीं दिया. तब हेतल ने पूछा तो उसने कहा कि वेटिंग लिस्ट में नाम आ जाएगा.

नौकरी दिलाने का दिया भरोसा और ऐंठ लिये 8 लाख
फिर वेटिंग लिस्ट में नाम न होने पर शिल्पाबेन ने बहाने बनाने शुरू कर दिए. इसलिए हेतलबेन को शक हुआ तो हेतलबेन ने जांच की तो उन्हें पता चला कि उनकी तरह 14 अन्य लोगों के साथ शिल्पाबेन ने सरकारी नौकरी दिलाने का दावा कर पैसे ऐंठे थे. इसके बाद हेतलबेन ने बोटाद पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. 

शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने भरत सोलंकी को गिरफ्तार कर लिया है और शिल्पाबेन और जगदीशभाई को पकड़ने की कोशिश कर रही है. पुलिस का कहना है कि हमने शिकायत के आधार पर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को पकड़ा है. उसके 2 साथी को पकड़ने के बाद उनसे पूछताछ की जाएगी और फिर पता चलेगा कि और कितने लोग इनके साथ शामिल हैं और यह नेटवर्क कितना बड़ा है.

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