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फल, सब्जी, शहद... सबकी टेस्टिंग, गुजरात की उस लैब की कहानी जिसकी रिपोर्ट के बाद सवालों के घेरे में तिरुपति का प्रसाद

NDDB CALF लेबोरेटरी में दूध और दूध उत्पादों का सभी गुणवत्ता मापदंडों के लिए कड़े परीक्षणों के माध्यम से मूल्यांकन किया जाता है. इस लेबोरेटरी की स्थापना 2009 में की गई थी. शुरुआत के वक्त सिर्फ दूध एवं दूध उत्पादों और पशु आहार का ही जांच और विश्लेषण होता था.

NDDB CALF लेबोरेटरी. NDDB CALF लेबोरेटरी.
ब्रिजेश दोशी
  • अमहदाबाद,
  • 20 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 4:02 PM IST

तिरुपति मंदिर के प्रसाद को लेकर एक रिपोर्ट के बाद विवाद छिड़ गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रसाद के लड्डू के घी में मिलावट थी. प्रसाद की जांच करने वाली लेबोरेटरी गुजरात के आणंद में स्थित है, जिसे NDDB CALF के नाम से जाना जाता है.

NDDB CALF क्या है

इस लेबोरेटरी में दूध और दूध उत्पादों का सभी गुणवत्ता मापदंडों के लिए कड़े परीक्षणों के माध्यम से मूल्यांकन किया जाता है. इस लेबोरेटरी की स्थापना 2009 में की गई थी. नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड ने अपनी सभी सहकारी और दूध उत्पादन संस्थाओं को ध्यान में रखते हुए इसकी स्थापना की थी. जिसे नाम दिया गया था सीएएलएफ यानी की पशुधन एवं आहार विश्लेषण तथा अध्ययन केंद्र जहां दुग्ध उत्पादों, खाद्य, फल, सब्जियों, पशु आहार और आनुवंशिकी से जुड़े विश्लेषण किए जाते है. 

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इसके लिए लेबोरेटरी के पास 80 लोगों का स्टाफ है, जिसमें 40 जितने एनालिस्ट है जो टेस्टिंग के लिए आने वाले सैंपलों की जांच और उसका विश्लेषण करते हैं. साल 2009 में शुरुआत के वक्त सिर्फ दूध एवं दूध उत्पादों और पशु आहार का ही जांच और विश्लेषण होता था. धीरे-धीरे प्रयोगशाला में विश्लेषणात्मक कार्य करने के लिए आधुनिक उपकरणों के साथ आगे बढ़ाया गया. परीक्षण का दायरा आगे बढ़ते हुए फल और सब्जियां, फेट्स और तेल, शहद और पानी तक बढा.

इसके अलावा कीटनाशक, एंटीबायोटिक्स, भारी धातुएं, एफ्लाटॉक्सिन और डाइऑक्सिन का भी विश्लेषण होने लगा. एनडीडीबी के नस्ल सुधार कार्यक्रमों और वीर्य की परीक्षण केन्द्र की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए CALF ने आनुवंशिक परीक्षण के लिए सुविधा स्थापित की.

CALF की उपलब्धियां

लगभग 200 परीक्षण के लिए प्रयोगशाला ने वर्ष 2013 में आईएसओ 17025 के अनुसार, अपना पहला एनएबीएल प्रमाणन प्राप्त किया. प्रयोगशाला के वर्तमान मान्यता प्राप्त दायरे में विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 3500 परीक्षण शामिल हैं. दूध एवं दूध उत्पादों के विश्लेषण क्षेत्र में CALF ने साल 2014 में FSSAI की रेफरल प्रयोगशाला बनकर एक मील का पत्थर हासिल किया. साल 2017 में डेयरी और अन्य खाद्य पदार्थों का समर्थन में प्रसंस्करण उद्योगों के लिए प्रयोगशाला ने ब्यूरो ऑफ प्रोसेसिंग एंड प्रोसेसिंग जैसे संगठनों से मान्यता प्राप्त की. 

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साल 2018 में निर्यात निरीक्षण परिषद (ईआईसी)ने और साल 2019 में कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने मान्यता दी. जिसके बाद इसे साल 2019 में FSSAI ने डेयरी एवं डेयरी उत्पादों के लिए राष्ट्रीय संदर्भ प्रयोगशाला (एनआरएल) भी घोषित किया. 

एनआरएल के तहत, प्रयोगशाला ने साल 2021 में प्रोफिसिएन्सी टेस्टिंग नाम की नई सेवा शुरू की. CALF ने दूध में फैट की शुद्धता, दूध उत्पादों में डाइऑक्सिन विश्लेषण और शहद की प्रामाणिकता के परीक्षण के लिए देश की पहली अनूठी सुविधा स्थापित की है. राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड (एनबीबी)से वित्तीय सहायता के साथ CALF देश में शहद की शुद्धता की प्रामाणिक जांच करने वाली पहली मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला बन गई है. पूरे देश को गुणवत्तापूर्ण परीक्षण का लाभ पहुंचाने और इसकी पहुंच बढ़ाने के लिए 25 फरवरी, 2023 को एनडीडीबी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी एनडीडीबी कैल्फ लिमिटेड के रूप में निगमित किया गया.

NDDB CALF के मालिक कौन है

NDDB CALF एनडीडीबी की सहयोगी कंपनी है जो एनडीडीबी के तहत आती है. एनडीडीबी का प्रबंधन ही उसकी देखरेख करता है. एनडीडीबी की स्थापना संसद के अधिनियम के तहत की गई थी और यह स्वायत संस्था है जो भारत सरकार के मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी विभाग के अंतर्गत आती है. साल 1965 में भारत में श्वेत क्रांति के जनक डॉ. वर्गीज कुरियन ने इसकी स्थापना की थी. आणंद में इसका मुख्यालय है और पूरे देश में इसकी कार्यालय भी है. इसे राजनीतिक दबाव से मुक्त रखने के लिए पहले से इसके बोर्ड में ऐसे सदस्यों को रखा गया था जो पशुपालन और डेयरी उद्योग से जुडे़ हुई हो. 

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साल 2021 तक केन्द्र सरकार के अधीन आईएएस अधिकारी भी इसके चेयरमैन रह चुके है. अभी डॉ. मीनेश शाह है जो पिछले 35 से अधिक सालों से इसके साथ जुड़े हुए हैं. पहले यह बोर्ड मेंबर थे. उसके बाद उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया और साल 2022 में उन्हें अध्यक्ष के साथ प्रबंध निदेशक भी बनाया गया. इसके अलावा वह IDMC, IIL, MDFVPL, NDS, MRIDA के भी अध्यक्ष और अंतर्राष्ट्रीय डेयरी महासंघ (आईडीएफ) के बोर्ड सदस्य है. साल 2023 में एनडीडीबी के डेयरी क्षेत्र में योगदान के लिए उन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया. उन्होंने डेरी प्रोद्योगिकी की स्नातक शिक्षा प्राप्त की हैं और इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल मैनेजमेंट, आणंद से ग्रामीण प्रबंधन में स्नातकोत्तर किया है.

एनडीडीबी का एक राष्ट्रीय महत्व है, क्योंकि यह किसानों और दूध उत्पादों के विकास की योजनाओं के प्लानिंग और अमलीकरण में केन्द्र सरकार मदद करती है. भारत सरकार की ग्रांट से चलने वाली यह राष्ट्रीय संस्था है, जिसके नीचे अलग-अलग कंपनियां बनाई गई हैं, जिसमें से एक है NDDB CALF. एनडीडीबी के साथ भारत की करीब 1.90 लाख से ज्यादा सहकारी डोरियां, 245 दुग्ध संघ, 22 महासंघ और सहकारी संस्था जुड़ी है. लगभग 1.5 करोड़ से ज्यादा किसान इसकी ग्रामीण समितियों के सदस्य है.

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