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गुजरात: देवी खोडियार के मंदिर में चोरी के बाद दिखा मगरमच्छ तो लोग करने लगे पूजा

स्थानीय लोगों का मानना है कि देवी खोडियार का वाहन मगरमच्छ है, ऐसे में मंदिर के गर्भगृह तक मगरमच्छ का आना किसी दैवीए शक्ति का नतीजा है.

देवी खोडियार के मंदिर में मगरमच्छ की पूजा (फोटो-aajtak) देवी खोडियार के मंदिर में मगरमच्छ की पूजा (फोटो-aajtak)
गोपी घांघर
  • अहमदाबाद,
  • 24 जून 2019,
  • अपडेटेड 1:21 AM IST

गुजरात के महिसागर जिले के लुणावाडा इलाके से आस्था का एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां देवी खोडियार के मंदिर में मगरमच्छ घूमता दिखाई दिया तो लोगों ने उसकी पूजा करनी शुरू कर दी.

दरअसल, शनिवार रात मंदिर में हुई चोरी के बाद रविवार सुबह जब लोग दर्शन करने पहुंचे तो मंदिर का दरवाजा खुला था और अंदर मगरमच्छ घूम रहा था. स्थानीय लोगों का मानना है कि देवी खोडियार का वाहन मगरमच्छ है, ऐसे में मंदिर के गर्भगृह तक मगरमच्छ का आना किसी दैवीए शक्ति का नतीजा है.

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मंदिर के गर्भगृह तक मगरमच्छ के आने के बाद दैवीए शक्ति की आस्था को देखने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और पूजा करने लगे. लोगों ने मगरमच्छ पर फूल और पैसों का चढ़ावा भी चढ़ाया. मंदिर के पुजारी के लड़के का कहना है कि देवी के वाहन मगरमच्छ का मंदिर में आना श्रद्धा और आस्था को मजबूत करता है.

वहीं श्रद्धा और आस्था के बीच वनविभाग के कर्मी भी मंदिर पहुंचे. वनविभाग के अधिकारियों का मानना है कि पौराणिक खोडियार मंदिर के पास ही तालाब है, यह मगरमच्छ उसी तालाब से मंदिर के गर्भगृह तक पहुंच गया है.

वनविभाग के अधिकारी जब मगरमच्छ का रेस्क्यू करने मंदिर परिसर में पहुंचे तो भक्तो की भीड़ ने बाधा डाली और कहा कि यह भगवान की आस्था का विषय है. ऐसे में मगरमच्छ को नहीं ले जा सकते. वनविभाग की ओर से भक्तों को काफी समझाया गया जिसके बाद मगरमच्छ का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ.

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6 फीट लंबे मगरमच्छ का रेस्क्यू ऑपरेशन करने में वनविभाग के अधिकारियों का काफी परेशानी का सामना करना पड़ा क्योंकि मंदिर का गर्भगृह छोटा था. आखिरकार वनविभाग की टीम ने मगरमच्छ का रेस्क्यू करके मंदिर के नजदीक तलाब में छोड़ दिया.

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