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Google Drive में सेव की बचपन की नहाने वाली तस्वीर, चाइल्ड पोर्न समझकर गूगल ने अकाउंट कर दिया ब्लॉक, कोर्ट पहुंच गया शख्स

गुजरात में एक शख्स को गूगल ड्राइव पर अपने बचपन की नहाने वाली तस्वीर सेव करना महंगा पड़ गया. गूगल ने उसकी उस तस्वीर को चाइल्ड पोर्न समझकर अकाउंट को ही बंद कर दिया जिसके बाद उसे भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. मेल बंद होने की वजह से उस व्यक्ति को कारोबार में भी नुकसान उठाना पड़ा जिसके बाद अब उसने इंसाफ के पाने के लिए गुजरात हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.

गुजरात हाई कोर्ट गुजरात हाई कोर्ट
aajtak.in
  • अहमदाबाद,
  • 19 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 11:50 AM IST

हम सभी लोग अपनी बचपन की यादों को संजो कर रखते हैं लेकिन गुजरात के अहमदाबाद में एक शख्स को ऐसा करना भारी पड़ गया. उसने अपने गूगल ड्राइव पर बिना कपड़ों के बचपन की फोटो को अपलोड कर दिया जिसके बाद उसके लिए मुश्किलें खड़ी हो गईं. 

न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक गूगल ने उस शख्स की तस्वीर को चाइल्ड न्यूडिटी मानते हुए उसके अकाउंट और ईमेल को ब्लॉक कर दिया जिससे उसे भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और कारोबार में भी नुकसान हुआ. 

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गूगल द्वारा इस मामले को नहीं सुलझाए जाने के बाद अब उस व्यक्ति ने न्याय के लिए गुजरात हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है जिसके बाद अब कोर्ट ने भारत में गूगल ऑफिस और केंद्र सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को नोटिस जारी किया है.

गूगल ने ब्लॉक कर दिया अकाउंट

दरअसल नील शुक्ला नाम के एक व्यक्ति ने Google Drive पर अपने बचपन की एक तस्वीर सेव की थी. उस तस्वीर में वो सिर्फ दो साल के थे और उनकी दादी उन्हें नहला रही थी. गूगल ने उस तस्वीर को अपनी चाइल्ड न्यूडिटी पॉलिसी का उल्लंघन मानते हुए नील शुक्ला के सभी गूगल अकाउंट को ब्लॉक कर दिया.

नील शुक्ला के वकील दीपेन देसाई ने अदालत को बताया कि टेक कंपनी ने उनकी तस्वीर को चाइल्ड पोर्न मान लिया और कंपनी की नीति का उल्लंघन करने के मामले में बीते साल अप्रैल में उनके अकाउंट को ब्लॉक कर दिया.

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उन्होंने कहा कि कई बार शिकायत करने के बाद भी गूगल कंपनी उनकी समस्या का समाधान करने में विफल रही, जिसके बाद शुक्ला ने 12 मार्च को हाई कोर्ट का रुख किया. वकील देसाई ने कोर्ट को बताया कि Google ने उनके ईमेल अकाउंट को ब्लॉक कर दिया है, इसलिए नील शुक्ला अपने ईमेल को नहीं देख पा रहे हैं जिससे उनके व्यवसाय में उन्हें घाटा हो रहा है.

याचिकाकर्ता नील शुक्ला ने बताया कि इस मामले में उन्होंने नोडल एजेंसी, गुजरात पुलिस और केंद्र के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग से संपर्क किया था, लेकिन वो भी कार्रवाई करने में विफल रहे, और उन्हें कोर्ट आने के लिए बाध्य होना पड़ा.

कोर्ट ने गूगल और सरकार से मांगा जवाब

याचिकाकर्ता ने कोर्ट से इस पर तत्काल सुनवाई का भी अनुरोध किया, क्योंकि उसे Google से एक नोटिस मिला था जिसमें कहा गया था कि उसके खाते से जुड़ा डेटा निष्क्रिय होने के एक साल बाद अप्रैल महीने में हटा दिया जाएगा.

इसके बाद हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता के ईमेल खाते को ब्लॉक करने के लिए Google इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस जारी किया है. जस्टिस वैभवी डी नानावटी की अदालत ने 15 मार्च को गूगल, केंद्र और राज्य सरकारों को नोटिस जारी कर 26 मार्च तक जवाब मांगा है.

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