अहमदाबाद में 192 सीटों में से बीजेपी को 159 जबकि कांग्रेस को 25 और एआईएमआईएम को 7 सीटें मिली जबकि एक सीट पर निर्दलीय को जीत हासिल हुई है.
अहमदाबाद में जीत के बाद खानपुर ऑफिस पर चुनकर आने वाले बीजेपी पार्षदों के साथ विजय उत्सव मनाया गया. (फोटो-साजिद आलम)
अहमदाबाद निकाय चुनाव में 192 सीटों में से बीजेपी को बंपर जीत मिली और भगवा पार्टी ने 161 सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि कांग्रेस के खाते में अभी तक 15 सीटें आई हैं. एआईएमआईएम ने 7 सीटों पर जीत हासिल की है. मतगणना अभी जारी है.
केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी नेता अमित शाह ने कहा कि गुजरात में विकास यात्रा जारी है. गुजरात में बीजेपी की जीत ऐतिहासिक है. बीजेपी को 85 फीसदी सीटों पर जीत मिली है. वहीं बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी ट्वीट किया है. नड्डा ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि गुजरात बीजेपी की यह ऐतिहासिक जीत प्रदेश की जनता की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जन-कल्याणकारी और विकासोन्मुख नीतियों में अटूट विश्वास की जीत है. मैं प्रदेश की जनता को बीजेपी में निरंतर विश्वास प्रकट करने के लिए धन्यवाद देता हूं.
गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के शानदार प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर जनता का शुक्रिया अदा किया है. पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, 'शुक्रिया गुजरात! राज्य भर में स्थानीय निकाय चुनावों के परिणाम स्पष्ट रूप से लोगों में विकास और सुशासन की राजनीति के प्रति अटूट विश्वास को दर्शाता है. बीजेपी पर फिर से भरोसा करने के लिए राज्य की जनता का आभारी हूं.'
गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव में सूरत में आम आदमी पार्टी की शानदार जीत के बाद अब पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल 26 फरवरी को सूरत में रोड शो करेंगे और इसके जरिए गुजरात के लोगों का धन्यवाद करेंगे.
स्थानीय निकाय चुनाव में AIMIM का भी प्रदर्शन शानदार रहा है. AIMIM ने अहमदाबाद के जमालपुर की पैनल यानी चार सीटों पर जीत हासिल की है.
22 साल की पायल पाटीदार को स्थानीय निकाय चुनाव में जीत मिली है. आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार पायल सबसे कम उम्र की पार्षद बनी हैं. सूरत के पूर्णा पश्चिम वार्ड नंबर 16 की उम्मीदवार पायल ने शानदार जीत हासिल की. जीत के बाद पायल पाटीदार का क्षेत्र में भव्य स्वागत किया गया. सूरत में आम आदमी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया और 27 सीटों पर जीत हासिल की.
सूरत स्थानीय निकाय चुनाव में बीजेपी को 93 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि आम आदमी पार्टी को 23 सीटों पर जीत मिली. कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला.
मुख्यमंत्री विजय रुपाणी के शहर के राजकोट में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने शानदार प्रदर्शन किया है. बीजेपी को 72 में से 68 बैठकों (वार्ड) पर जीत मिली है. कांग्रेस सिर्फ 4 बैठकों पर सिमट गई है. 2015 के चुनावों के मुकाबले बीजेपी को 30 बैठकें ज्यादा मिली है.
स्थानीय निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी की जीत पर सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) ने गुजरात में पहली बार नगर निगम चुनाव लड़ा और वहां से काफी चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं. गुजरात के सूरत जो डायमंड और टैक्सटाइल सिटी के नाम से जाना जाता है, वहां AAP 25 सीटों पर आगे हैं. उन्होंने कहा कि गुजरात के लोगों ने AAP को प्यार दिया है. गुजरात के रिजल्ट से कई राजनीतिक मायने सामने आएंगे. उन्होंने कहा कि अब तक के रुझानों के मुताबिक पहली पार्टी बीजेपी है और दूसरे नंबर पर विपक्ष आम आदमी पार्टी है जबकि कांग्रेस को लोगों ने नकार दिया है. राजकोट में 13 सीट पर दूसरे नंबर पर अहमदाबाद में 16 सीट पर दूसरे नंबर पर AAP है.
केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी नेता अमित शाह अहमदाबाद पहुंच गए हैं. उम्मीद है कि वह बीजेपी के विजय उत्सव में शामिल होंगे.
राजकोट में अब तक कांग्रेस का खाता भी नहीं खुल सका है. राजकोट नगर निगम के वार्ड नंबर 16 में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवारों के बीच कांटे की टक्कर के बाद बीजेपी उम्मीदवार 11 वोट से जीत हासिल करने में कामयाब रही हैं. कांग्रेस को वार्ड नंबर 16 से काफी उम्मीद थी, लेकिन उसे यहां से भी हार मिली. बीजेपी की उम्मीदवार रुचिताबेन जोशी को 11 वोटों के अंतर से जीत मिली.
गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव में बीजेपी की शानदार जीत पर मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने गुजराती में ट्वीट कर कहा, 'मैं सभी 6 महानगरों के मतदाताओं को धन्यवाद देता हूं. मैं उन सभी बीजेपी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने इस चुनाव में कड़ी मेहनत की. मैं गुजरात की जनता को विश्वास दिलाता हूं कि बीजेपी में रखा भरोसा पार्टी बेकार नहीं जाने देगी. सरकार 6 नगर निगमों के विकास के लिए हरसंभव कोशिश करेगी.'
बीजेपी को जामनगर, राजकोट, वडोदरा और भावनगर नगर निगम में बहुमत मिल गई है, जबकि सूरत और अहमदाबाद में बहुमत के करीब पहुंच गई है.
ये हैं नतीजे
- जामनगर की 64 सीटों में से बीजेपी ने 40 सीटों पर जीत दर्ज की है. वहीं, कांग्रेस ने 5 और बीएसपी ने 3 सीट पर जीत दर्ज की है.
- राजकोट की 72 में से बीजेपी 56 सीट जीत चुकी है, जबकि 12 सीटों पर आगे चल रही है. वहीं, कांग्रेस सिर्फ 2 सीटों पर आगे चल रही है.
- वडोदरा की 76 सीटों में में बीजेपी 48 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है, जबकि कांग्रेस के खाते में सिर्फ 7 सीटें गई हैं. अभी कुछ सीटों पर वोटों की गिनती जारी है.
- भावनगर की 52 सीटों में से बीजेपी 35 सीटों पर जीत चुकी है, जबकि कांग्रेस के खाते में केवल 5 सीटें आई हैं. अभी 12 सीटों पर वोटिंग चल रही है.
- सूरत की 120 सीटों में से बीजेपी 51 सीटों पर जीत चुकी है, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) ने अपने पहले चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 17 सीटों पर जीत दर्ज की. यहां कांग्रेस का अभी खाता भी नहीं खुला है.
- अहमदाबाद की 192 सीटों में से 72 पर बीजेपी जीत चुकी है, जबकि कांग्रेस के खाते में अभी तक 12 सीटें आई हैं. शुरुआती रूझानों में चार सीटों पर बढ़त बनाने वाली एआईएमआईएम का खाता नहीं खुला है.
गुजरात के राजकोट नगर निगम चुनाव में बीजेपी को बहुमत हासिल हो गया है. बीजेपी ने 72 में से 56 सीटों पर जीत दर्ज की है. अभी वोटों की गिनती जारी है.
गुजरात नगर निगम चुनाव में बीजेपी ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया है. गुजरात के सभी नगर निगमों अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट, जामनगर और भावनगर में कमल खिल रहा है.
ताजा आंकड़ों के मुताबिक ये हैं नतीजे/रुझान
- अहमदाबाद में बीजेपी के खाते में 80 सीटें जाती दिख रही है. 80 में से कई सीटों पर बीजेपी आगे चल रही है, तो कई पर जीत चुकी है. वहीं कांग्रेस के खाते में सिर्फ 20 सीटें जाती दिख रही है. शुरुआती रुझान में बढ़त बनाने वाली एआईएमआईएम को झटका लगा है, जिन सीटों पर वह आगे थी, उन पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की है.
- सूरत में अब तक 56 सीटें बीजेपी के खाते में आ गई है. वहीं, दूसरे नंबर पर आम आदमी पार्टी है. जिसके खाते में 18 सीटें आती दिख रही हैं (8 सीट जीत चुकी है). कांग्रेस तीसरे नंबर पर खिसक गई है. उसके खाते में सिर्फ 8 सीटें आती दिख रही हैं.
- वडोदरा में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन किया है. यहां की 48 सीटों पर बीजेपी ने अपनी अजेय बढ़त बना ली है, जबकि कांग्रेस के खाते में सिर्फ 7 सीटें जाती दिख रही हैं.
- जामनगर में कांग्रेस का खासा नुकसान हुआ है. यहां कांग्रेस का खाता खुलता नहीं दिख रहा है. अब तक के नतीजों में बीजेपी के खाते में 28 सीटें जाती दिख रही हैं. जामनगर की तीन सीटों पर बसपा के प्रत्याशी जीते हैं.
- राजकोट में भी कांग्रेस को खासा नुकसान हुआ है. यहां पर अभी कांग्रेस का स्कोर जीरो है. अब तक के नतीजों में बीजेपी के खाते में 48 सीटें जाती दिख रही हैं.
- भावनगर में बीजेपी के खाते में 32 सीटें आती दिख रही हैं. इनमें से कई सीटों पर उसके प्रत्याशी जीत भी चुके हैं. जबकि कांग्रेस के खाते में 8 सीटें आती दिख रही हैं.
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अहमदाबाद सहित राज्य की छह नगर निगम चुनावों में जीत के जश्न की तैयारी शुरू कर दी है. शुरुआती रुझानों में भाजपा सभी नगर निगमों में एकतरफा बहुमत से जीत रही है. अहमदाबाद के खानपुर इलाके में स्थित भाजपा कार्यालय में शाम 7 बजे विजय सभा का आयोजन किया गया है. विजय सभा में गुजरात प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हो सकते हैं.
अहमदाबाद नगर निगम की 192 सीटों में से 98 का रुझान दोपहर 12 बजे तक आया है, जिसमें भाजपा 81 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस 15 सीटों पर आगे चल रही है.
जामनगर के वार्ड नंबर 6 में बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के तीन प्रत्याशी चुनाव जीत गए है.
गुजरात में आम आदमी पार्टी (आप) का खाता खुल गया है. सूरत नगर निगम के वार्ड नंबर 16 की चारों सीटों और वार्ड नंबर 4 की चारों सीटों पर आम आदमी पार्टी (आप) ने जीत दर्ज की है.
बीजेपी लंबे समय से सभी छह नगर निगमों अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट, भावनगर और जामनगर की सत्ता पर काबिज है. अहमदाबाद में 2008, वडोदरा में 2005, सूरत में 1990, राजकोट में 2005, भावनगर में 1995 और जामनगर में 1995 से बीजेपी के पास बहुमत है.
अहमदाबाद की चार सीटों पर असदुद्दीन ओवौसी की पार्टी AIMIM ने बढ़त बना ली है. पहली बार AIMIM गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव लड़ रही है.
सूरत नगर निगम के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बीजेपी ने 40 सीटों पर अपनी बढ़त बना ली है. वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) 18 सीटों पर आगे चल रही है. कांग्रेस तीसरे नंबर पर खिसक गई है और वह 10 सीटों पर आगे चल रही है.
गुजरात नगर निगम चुनाव में बीजेपी की बढ़त बरकरार है. सभी छह नगर निगमों अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट, भावनगर और जामनगर में बीजेपी आगे चल रही है. सबसे बुरा हाल कांग्रेस का है. सूरत में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी से भी काफी पीछे है.
- अहमदाबाद की 62 सीटों पर बीजेपी आगे है, 10 सीटों पर कांग्रेस आगे है और 4 सीट पर अन्य आगे है.
- सूरत की 25 सीटों पर बीजेपी आगे है, 15 सीटों पर आम आदमी पार्टी आगे है और 5 सीटों पर कांग्रेस आगे है.
- वडोदरा की 11 सीटों पर बीजेपी आगे है, 10 सीटों पर कांग्रेस आगे है.
- राजकोट की 20 सीटों पर बीजेपी आगे है, 2 सीटों पर कांग्रेस आगे है.
- जामनगर की 11 सीटों पर बीजेपी आगे है, 6 सीटों पर कांग्रेस आगे है, जबकि चार सीटों पर अन्य आगे है.
- भावनगर की 23 सीटों पर बीजेपी आगे है, 6 सीटों पर कांग्रेस आगे है.
सूरत नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच टक्कर देखने को मिल रही है. कांग्रेस तीसरे नंबर पर खिसक गई है. वार्ड नंबर 1 के सभी चार सीटों पर बीजेपी आगे है, जबकि वार्ड नंबर के सभी चार सीटों पर आप आगे है. वार्ड नंबर 4 की चारों सीटों पर भी बीजेपी आगे है. वार्ड नंबर 6 की चारों सीटों पर बीजेपी आगे है. वार्ड नंबर 8 की तीन सीटों पर आप और एक सीट पर बीजेपी आगे है. वार्ड नंबर 10 और वार्ड नंबर 13 की सभी चार-चार सीटों पर बीजेपी आगे है, जबकि वार्ड नंबर 16 की चार सीटों पर आप आगे है. इसके अलावा वार्ड नंबर 21, वार्ड नंबर 23 की सभी चार-चार सीटों पर बीजेपी आगे है. वार्ड नंबर 25 की तीन सीट पर कांग्रेस आगे और एक पर बीजेपी आगे है. वार्ड नंबर 27 की सभी चारों सीटों पर बीजेपी आगे है. वार्ड नंबर 28 की तीन सीट पर बीजेपी और एक सीट पर कांग्रेस आगे है.
गुजरात नगर निगम चुनाव में बीजेपी बड़ी बढ़त की ओर है, लेकिन सबसे बड़ा उलटफेर आम आदमी पार्टी करती दिख रही है. सूरत के वार्ड नंबर 4 की चार सीटों और वार्ड नंबर 8 की चार सीटों पर आम आदमी पार्टी आगे चल रही है.
- अहमदाबाद की 43 सीट पर बीजेपी आगे चल रही है, जबकि 5 पर कांग्रेस आगे है. वहीं, चार पर अन्य आगे है.
- सूरत की 14 सीट पर बीजेपी आगे है, जबकि 5 पर कांग्रेस आगे है. वहीं, चार पर अन्य आगे है.
- वडोदरा की 11 सीट पर बीजेपी आगे है, जबकि दो पर कांग्रेस आगे है.
- राजकोट की 13 सीट पर बीजेपी आगे है, जबकि एक पर कांग्रेस आगे है.
- जामनगर की 10 सीट पर बीजेपी आगे है, जबकि 4 पर कांग्रेस आगे है.
- भावनगर की 11 सीट पर बीजेपी आगे है, जबकि 3 पर कांग्रेस आगे है. वहीं, चार सीट पर अन्य आगे है.
गुजरात नगर निगम चुनाव के शुरुआती नतीजे बीजेपी के पक्ष में आ रहे हैं. सभी 6 नगर निगम (अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट, जामनगर और भावनगर) में बीजेपी काफी आगे चल रही है.
- अहमदाबाद में बीजेपी 28 सीटों पर आगे है, जबकि कांग्रेस 3 सीटों पर आगे है.
- सूरत में बीजेपी 12 सीटों पर आगे है, जबकि कांग्रेस 2 सीटों पर आगे है.
- वडोदरा में बीजेपी 11 सीटों पर आगे है, जबकि कांग्रेस दो सीटों पर आगे है.
- राजकोट में बीजेपी 12 सीटों पर आगे है, जबकि कांग्रेस एक सीट पर आगे है.
- जामनगर में बीजेपी 10 सीटों पर आगे है, जबकि कांग्रेस 4 सीटों पर आगे है.
- भावनगर में बीजेपी 11 सीटों पर आगे है, जबकि कांग्रेस 3 सीटों पर आगे है.
गुजरात नगर निगम चुनाव के शुरुआती रूझान आने लगे हैं. अहमदाबाद में बीजेपी 7 और कांग्रेस 2 सीटों पर आगे है, जबकि जामनगर में बीजेपी 4 और कांग्रेस एक सीट पर आगे है. वहीं, भावनगर में बीजेपी 5 और कांग्रेस एक सीट पर आगे है. इसके अलावा राजकोट में भी बीजेपी 5 और कांग्रेस एक सीट पर आगे है, सूरत में भी बीजेपी 5 और कांग्रेस एक सीट पर आगे है, वडोदरा में भी बीजेपी 5 और कांग्रेस एक सीट पर आगे है.
गुजरात के 6 नगर निगमों के चुनाव की मतगणना शुरू हो गई है. पहले पोस्टल बैलेट की गिनती होगी.
अहमदाबाद नगर निगम चुनाव के वोटों की गिनती शुरू होने जा रही है. भारी तादाद में अलग-अलग पार्टियों के पोलिंग एजेंट मतगणना स्थल पर पहुंच गए हैं. पुलिस का सख्त पहरा है.
गुजरात के छह नगर निगमों में वोटों की गिनती थोड़ी देर में शुरू होने वाली है. मतगणना से पहले बीजेपी ने जीत का दावा किया है. मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने ट्वीट करके कहा, 'हमें भरोसा है कि बीजेपी नगर निगम चुनावों में जीत हासिल करेगी. कल (23 फरवरी) के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी के कामों सुशासन की पारदर्शिता की झलक मिलेगी.'
गुजरात के 6 नगर निगम में हुए चुनाव में कम वोटिंग ने बीजेपी की चिंता बढ़ा दी है. चुनाव आयोग के मुताबिक, अहमदाबाद में सबसे कम 42.5 प्रतिशत और जामनगर में सर्वाधिक 53.4 प्रतिशत मतदान हुआ था. इसके अलावा राजकोट में 50.7 प्रतिशत, भावनगर में 49.5 प्रतिशत, वडोदरा में 47.8 प्रतिशत और सूरत में 47.1 प्रतिशत मतदान हुआ था.
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गुजरात की 6 नगर निगमों की कुल 575 सीटों के नतीजे आज आएंगे. भाजपा और कांग्रेस ने इस चुनाव को आगामी विधानसभा चुनावों को देखते इतना अधिक महत्व दिया है कि खुद गृहमंत्री अमित शाह भी अपने पूरे परिवार के साथ वोट डालने के लिए पहुंचे थे. वैसे ये जंग इस बार कांग्रेस और भाजपा के बीच ही नहीं है, बल्कि इस बार आम आदमी पार्टी और AIMIM भी इन बड़ी पार्टियों का गणित बिगाड़ सकती हैं.