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गुजरात के स्कूल में बच्चों को पढ़ाया खा सकते हैं बीफ, अभिभावकों का हंगामा, स्कूल बोला- पिंटरेस्ट से ली थी जानकारी

गांधीधाम के एक प्राइवेट स्कूल में अभिभावकों ने जमकर हंगामा काटा. अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि स्कूल में बच्चों को पढ़ाया जा रहा था कि हम बीफ खा सकते हैं.

सांकेतिक फोटो सांकेतिक फोटो
ब्रिजेश दोशी
  • अहमदाबाद,
  • 19 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 11:47 PM IST

गुजरात के गांधीधाम स्थित एक स्कूल से हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक प्राइवेट स्कूल में छोटे बच्चों को पढ़ाया जा रहा था कि गाय का मांस खाया जा सकता है. मामला सामने आने के बाद बच्चों के अभिभावकों और हिंदू संगठनों ने विरोध करते हुए स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. साथ ही स्कूल ने मामला बढ़ता देख एक जारी कर माफी मांगी है.  

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गांधीधाम के एक प्राइवेट स्कूल में बच्चों को पढ़ाए जा रहे एक पाठ को लेकर मासूम छात्रों के पैरेंट्स में आक्रोश फैल गया है. अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि स्कूल में बच्चों को एक अंग्रेजी एक पाठ पढ़ाया जा रहा था, जिसमें लिखा है कि 'गाय काली और सफेद होती है. वह घास खाती है और हम उसका दूध पीते हैं और हम उसका मांस खा सकते हैं.'

स्कूल ने जारी किया बयान

मामले को बढ़ता देख स्कूल ने एक बयान जारी किया है. स्कूल ने अपने बयान जारी कर पूरे मामले से खुद का पल्ला झाड़ लिया है और कहा कि ये सामग्री पिंटरेस्ट से ली गई है. हमारा उद्देश्य सनातन धर्म के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था. हमारा मकसद बच्चों को ये सिखाना था कि वे किसी भी प्रकार के मांस को न खाए.

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हम आपकी समझ और समर्थन की उम्मीद करते हैं, क्योंकि हम बच्चों के बीच ज्ञान और समझ को बढ़ावा देने का प्रयास करते हैं. हम किसी भी समस्या का समाधान करने के लिए जरूरी कदम उठाएंगे.

वहीं, अब स्कूल के बयान के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या स्कूल में बच्चों को पढ़ाए जाने वाली चीजें बिना पढ़े, बिना जांच करे पढ़ाया जा रहा था?

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