
गुजरात के अहमदाबाद स्थित भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा 7 जुलाई को निकाली जाएगी. 147वीं रथयात्रा को लेकर प्रशासन की तरफ से तैयारी की जा रही है. इस बीच गुजरात के गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी जगन्नाथ मंदिर पहुंचे. भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने के बाद हर्ष संघवी ने मंदिर के महंत दिलीपदासजी महाराज, ट्रस्टी महेंद्र झा, अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर समेत अधिकारियों के साथ बैठक कर रथयात्रा की तैयारी को लेकर जानकारी प्राप्त की.
'भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकालना सभी की जिम्मेदारी'
अहमदाबाद के जमालपुर स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर पहुंचे गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा, 'रथयात्रा अहमदाबाद की शान और पहचान है. सभी समाज और सभी लोगों के लिए आस्था के केंद्र के समान भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा ना सिर्फ अहमदाबाद में बल्कि पूरे गुजरात के लिए उत्साह का पर्व है.'
हर्ष संघवी ने कहा, 'समय के साथ अपग्रेड हो रही तकनीक का इस्तेमाल रथयात्रा में किया जाता रहा है. सभी समाज के लोग मिलकर भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा को निकालेंगे और ये सभी लोगों की जिमेदारी भी है.'
मंगला आरती में शामिल होते हैं गृह मंत्री
रथयात्रा के दिन मंगला आरती में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मौजूद रहते हैं. मुख्यमंत्री रथ खींचकर यात्रा का प्रस्थान करवाते हैं. बता दें कि रथयात्रा अहमदाबाद शहर में 18 किलोमीटर के रूट पर निकलती है. इस दिन सुबह 4 बजे गृह मंत्री अमित शाह भगवान जगन्नाथ की मंगला आरती में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद लेते हैं, जिसके बाद करीब 6.30 बजे मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के द्वारा पहिंदविधि की जाती है और भगवान जगन्नाथ का रथ खींचकर रथयात्रा का प्रारंभ करवाया जाता है.
कड़ी सुरक्षा के बीच निकलेगी रथयात्रा
रथयात्रा को लेकर अहमदाबाद शहर पुलिस कमिश्नर जीएस मलिक ने कहा कि रथयात्रा के संदर्भ में सुरक्षा की तैयारी को लेकर गृह राज्यमंत्री को जानकारी दी गई है. रथयात्रा के मद्देनजर शांति समिति की बैठक की गई है. असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. अहमदाबाद के 18 किलोमीटर के रूट के दौरान कुछ संवेदनशील क्षेत्र के मद्देनजर 25 हजार पुलिसकर्मियों के अलावा सीआरपी, आरएएफ समेत केंद्रीय सुरक्षा बलों की भी तैनाती की जा रही है.
सुरक्षा के मद्देनजर इस बार 3 हजार से अधिक सीसीटीवी की मदद से निगरानी रखी जाएगी. ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को 600 बॉडी वोर्न कैमरे दिए जाएंगे. 10 ड्रोन की मदद से पूरे रूट पर नजर रखी जाएगी. साथ में हेलिकॉप्टर के माध्यम से हवाई निरीक्षण भी किया जाएगा. 15 मूविंग कैमरे भी रथयात्रा के रूट पर सेट किए जाएंगे.