
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की अहमदाबाद जोनल यूनिट ने ड्रग डिस्पोजल पखवाड़ा के तहत 4,543.4 किलोग्राम मादक पदार्थ और साइकोट्रोपिक ड्रग्स को नष्ट किया है. बाजार में इसकी कीमत 870 करोड़ रुपये बताई जा रही है. यह कार्रवाई 25 जनवरी को भरूच जिले के दहेज में की गई.
नष्ट किए गए मादक पदार्थों में चारस (3,185.685 किलोग्राम), हेरोइन (88.727 किलोग्राम), मेथामफेटामाइन (748.334 किलोग्राम), ट्रामाडोल (500.310 किलोग्राम) और अन्य पदार्थ शामिल हैं. एनडीपीएस एक्ट के तहत इन्हें एनसीबी की नियमित ड्रग डिस्पोजल कमेटी और एक उच्च स्तरीय पैनल की निगरानी में जलाकर नष्ट किया गया.
870 करोड़ रुपये की ड्रग्स पकड़ी गई
इस देशव्यापी अभियान की शुरुआत 11 जनवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ड्रग तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा पर आयोजित क्षेत्रीय सम्मेलन के दौरान की थी. इसका उद्देश्य नशे की समस्या को जड़ से खत्म करने की दिशा में देश की प्रतिबद्धता को मजबूत करना है.
एनसीबी ने कहा कि यह अभियान नशे के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम है. सुप्रीम कोर्ट के 2012 के एक आपराधिक अपील के निर्देशों के तहत इसे अंजाम दिया गया.
मक्सद नशे की समस्या को जड़ से खत्म करना है
यह अभियान 10 से 25 जनवरी तक ड्रग डिस्पोजल पखवाड़ा के रूप में चलाया गया, जिसमें एनसीबी ने मादक पदार्थों को जल्द और प्रभावी तरीके से नष्ट करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया.