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अमेरिका में 'डंकी एंट्री'... गुजरात के यात्रियों ने एजेंट्स से 60 लाख में की थी डील

विमान को मानव तस्करी के शक में फ्रांस के एयरपोर्ट पर ही रोका लिया गया था. यहां कई दिनों तक प्लेन को रोके जाने के बाद वापस भारत भेज दिया गया था. इस विमान में 303 यात्री सवार थे, जिनमें से 260 भारतीय थे. फ्रांस से लौटाए जाने के बाद यह विमान 26 दिसंबर तड़के मुंबई में उतरा था. 66 गुजराती यात्रियों में से कई ने माना कि लोकल एजेंट्स के माध्यम से उन्हें अहमदाबाद से दुबई और दुबई से निकारागुआ तक ले जाया जाना था.

फ्रांस में विमान को मानव तस्करी के आरोप में रोक दिया गया था फ्रांस में विमान को मानव तस्करी के आरोप में रोक दिया गया था
अतुल तिवारी
  • अहमदाबाद,
  • 02 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 10:49 PM IST

मानव तस्करी के आरोप में फंसी फ्रांस से लौटी 'डंकी फ्लाइट' में सवार 66 गुजराती यात्रियों से पूछताछ की गई है. इसके बाद 15 एजेंट्स के नाम सामने आने पर सीआईडी क्राइम ने उनसे भी पूछताछ शुरू कर दी है. सीआईडी क्राइम की तरफ से कहा गया है कि अधिकत्तर यात्रियों ने 8वीं से 12वीं तक की पढ़ाई की है. गैरकानूनी तरीके से फ्रांस के जरिए अमेरिका जाने के लिए यात्रियों से 60 से 80 लाख रुपये तक डील हुई थी. 

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ये यात्री दुबई से निकारागुआ जाने वाले थे और फिर वहां से अमेरिका बॉर्डर गैरकानूनी तरीके से क्रॉस करने वाले थे. लेकिन विमान को मानव तस्करी के शक में फ्रांस के एयरपोर्ट पर ही रोका लिया गया था. यहां कई दिनों तक प्लेन को रोके जाने के बाद वापस भारत भेज दिया गया था. इस विमान में 303 यात्री सवार थे, जिनमें से 260 भारतीय थे. फ्रांस से लौटाए जाने के बाद यह विमान 26 दिसंबर तड़के मुंबई में उतरा था.

सीआईडी क्राइम के एसपी संजय खरात ने बताया कि 66 गुजराती यात्रियों में से कई ने माना कि लोकल एजेंट्स के माध्यम से उन्हें अहमदाबाद से दुबई और दुबई से निकारागुआ तक ले जाया जाना था. निकारागुआ से अमेरिका जाने के लिए एजेंट्स के लोग यात्रियों को बोर्डर क्रॉस कराने वाले थे. यात्रियों से अमेरिका पहुंचने के बाद रुपये देने की डील हुई थी. 

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एजेंट्स ने चुकाए थे टिकट के पैसे 

यात्रियों को अहमदाबाद से दुबई और दुबई से निकारागुआ तक फ़्लाइट से ले जाने के लिए टिकट के पैसे भी एजेंट्स ने ही चुकाए थे. इन्हीं एजेंट्स द्वारा तमाम यात्रियों को अमेरिका का बोर्डर गैरकानूनी तरीके से पार करने के लिए 3,000 डॉलर तक दिए जाने की हकीकत सामने आई है. तमाम 66 यात्री 10 से 20 दिसंबर तक दुबई पहुंचे थे, जिनकी टिकट किसने बुक की, इसकी जांच शुरू की गई है.

सीआईडी क्राइम की तरफ से कहा गया है कि निकारागुआ से तमाम लोग अमेरिका जाने वाले थे. एजेंट्स ने वीजा फीस किस बैंक अकाउंट के माध्यम से दी थी, इसकी भी जांच की जा रही है. दुबई से माना गोवा तक लीजैंड एयरवेज से 21 दिसंबर को FUJARAIH एयरपोर्ट से तमाम यात्री गए थे. यात्रियों को वीजा कैसे मिले, एयरटिकट कैसे ली गई और फ्लाइट किसने बुक करवाई, इन तमाम बातों की जानकारी दुबई से प्राप्त करने के लिए जांच सीबीआई को पत्र लिखा गया है.

बता दें कि 66 यात्रियों से पूछताछ में सीआईडी क्राइम ने 18 साल से कम उम्र के तीन यात्री पाए. इनमें 2 साल का बच्चा भी अपने पिता के साथ फ्लाइट में सवार था. अन्य एक यात्री में 9 महीने की बच्ची भी सवार थी, जिसके साथ उसकी माता भी ट्रैवेल कर रही थी. इनके अलावा फ़्लाइट में एक 17 साल का यात्री भी सवार था. सीआईडी क्राइम के एसपी संजय खरात ने कहा कि पूछताछ के दौरान कुछ ऐसे लोग भी सामने आए हैं, जो एक ही परिवार के थे और एक साथ निकारागुआ जाने वाले थे. यात्रियों ने अब तक कितने रुपये चुकाए हैं, उस दिशा में भी जांच जारी है.

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