
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केवड़िया में एकता दिवस के मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम सरदार साहब की इस गगनचुंबी प्रतिमा के सानिध्य में भारत की प्रगति का प्रण दोहरा रहे हैं. पीएम ने कहा कि केवड़िया में कुछ ही दिनों में विकास के कई कार्य हुए हैं. उन्होंने कहा कि जल्द ही ये स्थान दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर छाने वाला है. साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि सरदार पटेल ने सैकड़ों रियासतों को एक किया और देश को वर्तमान स्वरूप दिया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केवडिया में राष्ट्रीय एकता दिवस की परेड की सलामी ली. यहां पर उन्होंने देश की विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के जवानों को राष्ट्र की एकता-अखंडता की शपथ दिलाई.
पीएम ने कहा कि किसी ने नहीं सोचा था कि कोरोना जेसी आपदा आएगी, पुरा मानव जीवन को प्रभावित हो जाएगा. 130 करोड़ देशवासिओं ने जैसे इस का सामना किया है, कोरोना वॉरियर के लिए जो जज़्बा और सम्मान दिखाया है. इतिहास भी इसे भुला नहीं पाएगा.
पीएम ने कहा, "ये देश की एकता की ताकत थी की जिस कोरोना ने दुनिया के बड़े बड़े देश को मजबूर कर दिया उसका सामना भारत एकजूट होकर कर रहा है. ये वही एकता हे जिसकी कल्पना सरदार पटेल ने की थी.
सांस्कृतिक गौरव का विस्तार अयोध्या तक पहुंचा
पीएम ने कहा कि कश्मीर में धारा 370 को हटे हुए एक साल हो गए. 31 अक्टूबर को कश्मीर से धारा 370 हटा था.पीएम ने कहा कि सोमनाथ के पुनर्निर्माण से सरदार पटेल ने भारत के सांस्कृतिक गौरव को लौटाने का जो यज्ञ शुरू किया था, उसका विस्तार देश ने अयोध्या में भी देखा है. आज देश राममंदिर पर सुप्रीमकोर्ट के फैसले का साक्षी बना है, और भव्य राममंदिर को बनते भी देख रहा है.
'जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी ही इंडिया फर्स्ट का आधार'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये भी संयोग है कि आज महर्षि वाल्मीकि की जयंती है. आज हम भारत की जिस सांस्कृतिक एकता का दर्शन करते हैं, जिस भारत को अनुभव करते हैं, उसे और जीवंत और ऊर्जावान बनाने का काम सदियों पहले आदिकवि महर्षि वाल्मीकि ने ही किया था. उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का श्लोक जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी ही इंडिया फर्स्ट का आधार है.
. 'फ्रांस कार्टून विवाद के बीच कुछ देश आतंकवाद के समर्थन में आए'
फ्रांस में कार्टून विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ देशों की ओर इशारा करते हुए कहा कि प्रगति के इन प्रयासों के बीच, कई ऐसी चुनौतियां भी हैं जिसका सामना आज भारत, और पूरा विश्व कर रहा है. बीते कुछ समय से दुनिया के अनेक देशों में जो हालात बने हैं, जिस तरह कुछ लोग आतंकवाद के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं, वो आज वैश्विक चिंता का विषय है.
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पीएम ने कहा कि आज के माहौल में, दुनिया के सभी देशों को, सभी सरकारों को, सभी पंथों को, आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की बहुत ज्यादा जरूरत है. शांति-भाईचारा और परस्पर आदर का भाव ही मानवता की सच्ची पहचान है.
आतंकवाद-हिंसा से कभी भी, किसी का कल्याण नहीं हो सकता है.
पुलवामा पर भद्दा हमला झेलकर भी चुप रहा-मोदी
प्रधानमंत्री ने पुलवामा हमले का जिक्र करते हुए कहा कि जब हमारे देश के जवान शहीद हुए थे उस वक्त भी कुछ लोग राजनीति में लगे हुए थे. ऐसे लोगों को देश भूल नहीं सकता है.
पीएम ने कहा कि उस वक्त वे सारे आरोपों को झेलते रहे, भद्दी भद्दी बातें सुनते रहे. मेरे दिल पर गहरा घाव था. लेकिन पिछले दिनों पड़ोसी देश से जिस तरह से खबरें आई है, जो उन्होंने स्वीकार किया है, इससे इन दलों का चेहरा उजागर हो गया है. पीएम ने कहा, "जिस प्रकार वहां की संसद में सत्य स्वीकारा गया है, उसने इन लोगों के असली चेहरों को देश के सामने ला दिया है. अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए, ये लोग किस हद तक जा सकते हैं, पुलवामा हमले के बाद की गई राजनीति, इसका बड़ा उदाहरण है."
सीमा पर भारत का नजर और नजरिया बदल गया- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर देश ही अपनी प्रगति के साथ साथ अपनी सुरक्षा के लिए भी आश्वस्त रह सकता है. इसलिए, आज देश रक्षा के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ रहा है. इतना ही नहीं, सीमाओं पर भी भारत की नज़र और नज़रिया अब बदल गए हैं.
पीएम ने कहा कि आज भारत की भूमि पर नजर गड़ाने वालों को मुंहतोड़ जवाब मिल रहा है. आज का भारत सीमाओं पर सैकड़ों किलोमीटर लंबी सड़कें बना रहा है, दर्जनों ब्रिज, अनेक सुरंगें बना रहा है. अपनी संप्रभुता और सम्मान की रक्षा के लिए आज का भारत पूरी तरह तैयार है.