
केंद्र सरकार ने ‘वक्फ (संशोधन) बिल, 2024’ को लोकसभा में पेश करने के बाद संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेज दिया. दरअसल कई मुस्लिम नेताओं और विपक्षी सांसदों ने इसे लेकर अपना विरोध दर्ज कराया था. इसके बाद जेपीसी ने इस विधेयक पर आम लोगों, गैर-सरकारी संगठनों और विशेषज्ञों से सुझाव मांगे. इसे लेकर लगातार कमेटी को सुझाव मिल रे हैं.
इसी क्रम में लोग इस बिल के समर्थन और विरोध में लगातार समिति को अपने सुझाव भेज रहे हैं. गुजरात के गोधरा में लोगों ने इस बिल के समर्थन का अनूठा तरीका निकाला है. यहां गणेश पंडाल के बाहर वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 का समर्थन करने वाले पोस्टर लगाए गए हैं, जिसमें लोगों को एक कोड स्कैन करके मौजूदा विधेयक के समर्थन में एक ईमेल भेजने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है.
क्यू आर कोड के जरिए जुटाया जा रहा है समर्थन
पोस्टरों का उद्देश्य वक्फ विधेयक, 2024 को पारित करने की अपील को प्रचारित करना है. इसी तरह विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल ने गांधीनगर स्थित गुजरात राज्य वक्फ बोर्ड के दफ्तर पर भी वक्फ बोर्ड बिल के समर्थन मे पोस्टर लगाए हैं. यहां भी बिल का समर्थन करने के लिए QR कोड भी लगाया है. यहां लोगों से कोड स्कैन करवाकर कर बड़ी संख्या में उससे जोड़ा जा रहा है.
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जाकिर नाइक ने की थी अपील
आपको बता दें कि भगोड़े जाकिर नाइक जैसे कट्टरपंथी विदेशों में बैठकर भारत के मुसलमानों को वक्फ बिल के खिलाफ भड़का रहे हैं. उनसे ये कह रहे हैं कि अगर वक्फ बिल लागू हो गया तो सरकार मुसलमानों से उनकी मस्जिदें और कब्रिस्तान छीन लेगी. इसको लेकर भारत में बहुत सारे मुसलमान इस समय अलग-अलग QR CODE वाले बैनर लेकर कई इलाकों में जा रहे हैं और इन QR CODE को Scan करके वक्फ बिल के खिलाफ अपनी आपत्तियों को कमेटी को भेजने के लिए कह रहे हैं.हिंदू पंडालों में लगे क्यू आर कोड अब इसी विरोध का जवाब माना जा रहा है.
ज़ाकिर की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट किया, "आम लोगों को गुमराह नहीं करना चाहिए. मुसलमानों का हक कोई नहीं छीन रहा. यह केवल गरीबों, महिलाओं और मुसलमानों के कमजोर वर्गों के लाभ के लिए कदम उठाए जा रहे हैं. कृपया हमारे देश के बाहर के निर्दोष मुसलमानों को गुमराह न करें. भारत एक लोकतांत्रिक राष्ट्र है, और लोगों को अपनी राय रखने का अधिकार है."
केंद्रीय मंत्री ने वीडियो भी शेयर किए, जिसमें मुस्लिम समूह लाउडस्पीकर से घोषणा करते हुए देखे जा सकते हैं, जिसमें वे अपने समुदाय के हर सदस्य से बिल के खिलाफ सुझाव देने का आग्रह कर रहे हैं, जिसे विचार-विमर्श के लिए संयुक्त संसदीय समिति को भेजा गया है.
वक्फ एक्ट क्या है?
वक्फ एक्ट मुस्लिम समुदाय की संपत्तियों और धार्मिक संस्थानों के प्रबंधन और नियमन के लिए बनाया गया कानून है. इस एक्ट का मुख्य उद्देश्य वक्फ संपत्तियों का उचित संरक्षण और प्रबंधन सुनिश्चित करना है ताकि धार्मिक और चैरिटेबल उद्देश्यों के लिए इन संपत्तियों का उपयोग हो सके. वक्फ चूंकि अरबी शब्द है जिसका अर्थ है 'रोकना' या 'समर्पण करना'. इस्लाम में वक्फ संपत्ति एक स्थायी धार्मिक और चैरिटेबल ट्रस्ट के रूप में समर्पित की जाती है, जिसका उपयोग धार्मिक उद्देश्यों, गरीबों की मदद, शिक्षा आदि के लिए किया जाता है. वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन करने के लिए प्रत्येक राज्य में एक वक्फ बोर्ड का गठन किया गया है. यह बोर्ड वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण, संरक्षण और प्रबंधन करता है.
मोदी सरकार का क्या प्लान है?
शुक्रवार को कैबिनेट ने वक्फ अधिनियम में करीब 40 संशोधनों को मंजूरी दे दी. मोदी सरकार कैबिनेट में वक्फ बोर्ड की किसी भी संपत्ति को "वक्फ संपत्ति" बनाने की शक्तियों पर अंकुश लगाना चाहती है. इन संशोधनों का उद्देश्य किसी भी संपत्ति को 'वक्फ संपत्ति' के रूप में नामित करने के वक्फ बोर्ड के अधिकार को प्रतिबंधित करना है. वक्फ बोर्ड द्वारा संपत्तियों पर किए गए दावों का अनिवार्य रूप से सत्यापन किया जाएगा. संशोधन विधेयक पारित होने के बाद वक्फ संपत्तियों के मैनेजमेंट और ट्रांसफर में बड़ा बदलाव आएगा. सूत्रों का कहना है कि कानून में संशोधन की वजहों का भी जिक्र किया है. इसमें जस्टिस सच्चर आयोग और के रहमान खान की अध्यक्षता वाली संसद की संयुक्त कमेटी की सिफारिशों का हवाला दिया है.