
अगर आपने अभिनेता अल्लू अर्जुन की फिल्म 'पुष्पा' देखी होगी तो उसमें हीरो पुलिस से बचने के लिए दूध से भरे टैंकर में चंदन की लकड़ी की तस्करी करता है, अब गुजरात में शराब माफिया उसी पुष्पा स्टाइल में पुलिस से बचने के लिए एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ी में शराब की तस्करी करते हुए पकड़े गए हैं.
दरअसल गुजरात में पूर्ण शराबबंदी लागू है लेकिन शराब माफिया पड़ोसी राज्यों से शराब की तस्करी का गुजरात में एक बड़ा रैकेट चलाते हैं. ऐसा भी नहीं है कि पुलिस और सरकार को ये पता नहीं है. पुलिस जब भी शराब माफियाओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाती है, शराब माफिया पुलिस की पकड़ से बचने के लिए नए-नए तरीके से शराब की तस्करी शुरू कर देते हैं.
सूरत पुलिस ने ऐसे ही 2 मामलों का भंडाफोड़ किया है. शराब माफिया एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ी में शराब की तस्करी कर रहे थे. एंबुलेंस में शराब की तस्करी करने वाले आरोपी को तो पुलिस ने पकड़ लिया लेकिन फायर ब्रिगेड की गाड़ी में शराब की तस्करी करने वाला शख्स फरार हो गया.
सूरत के पलसाना इलाके से एक एंबुलेंस गुजरने वाली थी जिसको लेकर पुलिस को सूचना मिली थी कि उसमें कोई मरीज नहीं बल्कि शराब की तस्करी की जा रही है. गुप्त सूचना के आधार पर जब पुलिस ने सफेद रंग की एंबुलेंस को रोक कर उसकी तलाशी ली तो अंदर से 842 शराब की बोतलें बरामद हुई. पकड़ गए शराब की कीमत 105250 रुपये आंकी गई है. इस मामले में एंबुलेंस चालक ऋषिकेश शांताराम भाई पवार को गिरफ्तार किया है.
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में एंबुलेंस ड्राइवर ने बताया कि पुलिस से बचने के लिए उसने यह तरकीब अपनाई थी और वह दूसरी बार एंबुलेंस में शराब भरकर महाराष्ट्र के नासिक से सूरत आया था.
इसी तरह से पुलिस को सूचना मिली थी कि एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी में शराब माफिया शराब की तस्करी कर रहे हैं. सूचना के आधार पर पुलिस ने वडसा गांव के पास एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी को रोका तो गाड़ी चलाने वाला चालक रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया.
पुलिस ने उस गाड़ी की तलाशी ली तो उसके अंदर से शराब की 3780 बोतलें बरामद हुई थी. शराब माफियाओं के इस हथकंडे और फिल्मी स्टाइल को देखकर पुलिस भी हैरान है.