Advertisement

शराब कांड के बाद एक्शन में गुजरात पुलिस, मेथनॉल के इस्तेमाल को लेकर कारोबारियों को दी चेतावनी

Gujarat: अवैध शराब बिक्री को रोकने के लिए दक्षिण गुजरात पुलिस ने केमिकल का कारोबार करने वाले कारोबारियों को चेतावनी दी है. इंडस्ट्रीज में मेथनॉल अल्कोहलिक केमिकल के उपयोग में नियमों का पालन करने और उसका दुरुपयोग न होने देने को लेकर सख्त हिदायत दी गई है. एडीजी ने बताया कि जल्द ही इस संबंध में एसओपी जारी की जाएगी.

(प्रतीकात्मक तस्वीर) (प्रतीकात्मक तस्वीर)
संजय सिंह राठौर
  • सूरत,
  • 29 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 3:51 PM IST

गुजरात के बोटाद और अहमदाबाद में हुए जहरीली शराब कांड से सबक लेते हुए अब दक्षिण गुजरात की पुलिस एक्शन में आ गई है. अवैध शराब बिक्री को रोकने के लिए दक्षिण गुजरात के एडिशनल डीजीपी राजकुमार पांडियन ने केमिकल का कारोबार करने वाले और कारोबारियों की एक मीटिंग बुलाई. जहां मेथनॉल अल्कोहलिक केमिकल के उपयोग में नियमों का पालन करने और उसका दुरुपयोग न होने देने को लेकर हिदायत और चेतावनी दी.

Advertisement

बता दें कि कुछ दिनों पहले ही गुजरात के बोटाद जिले में जहरीली शराब पीने से अब तक 42 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 97 लोगों का अभी भी इलाज चल रहा है. कई की हालत गंभीर बनी हुई है.

यह बात किसी से छिपी नहीं है कि दक्षिण गुजरात के सूरत, नवसारी, वलसाड, डांग और तापी जिले के ग्रामीण इलाकों में शराब का चलन वर्षों से चलता रहा है. इन 5 जिलों में से एक सूरत के कडोदरा इलाके में साल 2016 में जहरीली शराब कांड हुआ था. उसमें करीबन 2 दर्जन से अधिक लोगों की जान चली गई थी. उस वक्त पुलिस और सरकार ने शराब में मेथनॉल केमिकल के प्रयोग किए जाने से हुई मौत का हवाला दिया था.

अब एक बार फिर से मेथेनॉल केमिकल को लेकर चर्चा हो रही है. सरकार ने कहा है कि बोटाद और अहमदाबाद में शराब के बहाने लोगों ने मेथनॉल केमिकल का सेवन किया है, जिसके चलते उनकी जान गई है. 

Advertisement

एडिशनल डीजीपी ने मेथनॉल के दुरुपयोग को ध्यान में रखते हुए अपने कार्यक्षेत्र में आने वाले पांचों जिलों के एसपीओं के साथ-साथ केमिकल का कारोबार करने वाले छोटे बड़े कारोबारियों, उनकी एसोसिएशन के अध्यक्ष, साथ ही केमिकल खरीदकर इंडस्ट्रीज में उपयोग में लेने वाले कई छोटे बड़े उद्यमियों और उनके एसोसिएशन अध्यक्ष को भी बुलाकर मीटिंग की थी.

एडीजी राजकुमार पांडियन की अध्यक्षता में दक्षिण गुजरात के पांचों जिला के एसपीओ के साथ हुई. इस मीटिंग में ख़ासकर सूरत ग्रामीण और वलसाड के वापी औद्योगिक इकाइयों में मेथनॉल केमिकल का उपयोग नियमों के तहत हो, उसका कहीं भी दुरुपयोग न हो, इस मुद्दे पर पुलिस के अधिकारियों द्वारा केमिकल कारोबारियों और केमिकल का उपयोग करने वाले उद्यमियों को हिदायत और चेतावनी दी गई.

उल्लेखनीय है कि साल 2016 में सूरत ग्रामीण के कडोदरा इलाके में जो ज़हरीली शराब कांड हुआ था, उसमें मेथेनॉल केमिकल को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने वाले टैंकर के ड्राइवरों द्वारा शराब माफियाओं को केमिकल बेचा था. इसका खुलासा पुलिस जांच में हुआ था. आधिकारिक रूप से उस जहरीली शराब कांड में 21 लोगों की मौत हो गई थी. उस घटना को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने पूर्व तैयारी के फलस्वरूप केमिकल कारोबारियों और उद्यमियों के साथ यह बैठक की.

Advertisement

केमिकल को लाने ले जाने वाले टैंकरों में जीपीएस सिस्टम लगाने की हिदायत दी गई है. केमिकल टैंकर में से केमिकल कम तो नहीं हुआ है? इस पर नजर रखने के लिए कंपनियों को मॉनिटरिंग सिस्टम लगाने का आदेश दिया गया है. मेथनॉल केमिकल के दुरुपयोग को रोकने के लिए पुलिस द्वारा केमिकल से संबंधित एसओपी आगामी 3 दिनों के भीतर जारी की जाएगी, जिसकी जानकारी भी एडिशनल डीजीपी राजकुमार पांडियन ने दी है.

शराबबंदी वाले गुजरात में फिलहाल पुलिस शराब को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती है. सूरत ग्रामीण पुलिस के तहत आने वाले ओलपाड थाना इलाके की कीम पुलिस चौकी क्षेत्र के कठोदरा गांव का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें देसी शराब की भठ्ठी चलती नजर आ रही थी. सूरत ग्रामीण एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कीम पुलिस चौकी के सब-इंस्पेक्टर विजय पंड्या, हेड कॉन्स्टेबल अनिल बसंत भाई और पुलिस कॉन्स्टेबल नीलेश रामू भाई को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement