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शादी से पहले ट्रेजडी... दूल्हे को कुत्ते ने काटा, बारात से पहले एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचा अस्पताल

गुजरात के सूरत में एक दूल्हे की शादी से पहले उसके साथ ट्रेजडी हो गई. दरअसल, युवक पर आवारा कुत्तों ने अटैक कर दिया, जिससे वह डॉग बाइट का शिकार हो गया. बारात ले जाने से पहले युवक एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने अस्पताल पहुंचा. युवक ने कहा कि उस पर घर के बाहर कुत्तों ने हमला कर दिया था.

दूल्हे को कुत्ते ने काटा. (Representational image) दूल्हे को कुत्ते ने काटा. (Representational image)
संजय सिंह राठौर
  • सूरत,
  • 14 मई 2023,
  • अपडेटेड 1:10 PM IST

गुजरात के सूरत शहर में दूल्हे के साथ शादी से पहले ट्रेजडी हो गई. दरअसल, दूल्हे को कुत्ते ने काट लिया था. इसके बाद वह एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने अस्पताल पहुंचा. दरअसल, पिछले कई दिन से सूरत में आवारा कुत्ते लोगों को शिकार बना रहे हैं. सूरत शहर के नए सिविल अस्पताल में हर रोज 30 से 40 केस कुत्तों के काटने के पहुंच रहे हैं. इस हिसाब से हर महीने तकरीबन एक हजार लोगों को आवारा कुत्ते शिकार बनाते हैं.

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जानकारी के अनुसार, सूरत शहर के अमरोली कोसाड इलाके में रहने वाले एक दूल्हे को कुत्ते ने काट लिया. इसके बाद दूल्हे को इंजेक्शन लगवाने अस्पताल जाना पड़ा. इस दौरान डॉग बाइट का शिकार हुए लोगों की अस्पताल में लाइन लगी नजर आई. अस्पताल में लोग अपनी बारी का इंतजार करते दिखे. इन्हीं लोगों के बीच हल्दी लगाए एक दूल्ही भी इंजेक्शन लगवाने पहुंचा था.

डॉग बाइट का शिकार हुए युवक सूफियान पटेल ने बताया कि तकरीबन 6 दिन पहले जब वह अपने घर के बाहर खड़ा था, तभी दो आवारा कुत्तों ने अटैक कर दिया, जिसमें डॉग बाइट का शिकार हो गया था. आज शादी है, लेकिन इससे पहले हल्दी लगाकर एंटी रेबीज इंजेक्शन लेने यहां पर पहुंचा हूं.

आरएमओ बोले- हर महीने आते हैं एक हजार केस

सूरत नई सिविल अस्पताल के आरएमओ केतन नायक ने बताया कि सूरत में अकेले सिविल अस्पताल में हर रोज करीब 29 से 40 डॉग बाइट के केस आते हैं. सिविल अस्पताल की बात करें तो हर महीने 1000 लोग डॉग बाइट का इंजेक्शन लेने के लिए यहां पहुंचते हैं.

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हालांकि आंकड़ा बढ़ा नहीं है, जितना चल रहा था, उतना ही है. जो लोग डॉग बाइट का शिकार होते हैं, उन्हें फौरन अस्पताल पहुंचकर इंजेक्शन लगवा लेना चाहिए. सिविल अस्पताल में सरकार द्वारा अलग से डॉग बाइट का इंजेक्शन लगाने के लिए व्यवस्था की गई है.

डॉग बाइट हो या शंका हो तो तत्काल लगवाएं इंजेक्शन

नए सिविल अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में एआरयू क्लीनिक है, जिसमें इंजेक्शन लगाए जाते हैं. पिछले 1 साल के आंकड़े देखें तो हर महीने 900 से लेकर 1080 तक केस आते हैं. डॉग बाइट के मामले में वैक्सीनेशन 100 प्रतिशत लाइव सेविंग है. डॉग बाइट हुआ हो या उसमें शंका हो तो तत्काल सिविल अस्पताल में या किसी भी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर इंजेक्शन ले लेना चाहिए. नया कोर्स पांच इंजेक्शन से खत्म हो जाता है. पहले 14 इंजेक्शन लेने पड़ते थे, जो बहुत पेनफुल थे.

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