
अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद के मर्डर केस से जुड़ी बड़ी जानकारी सामने आई है. इस मर्डर केस के शूटर अरुण मौर्या का परिवार उसका केस नहीं लड़ेगा. अरुण मौर्या के दादा मथुराप्रसाद ने कहा कि उसने जुर्म किया है तो उसे सजा मिलनी चाहिए. दादा ने बताया कि अरुण पढ़ाई खत्म करते ही गलत संगत में पड़ गया था. दादा ने फटकार लगाकर उसे घर से भगा दिया था.
दादा ने पहले उसे चेतावनी देते हुए कहा था कि अबकी बार जमानत करवा रहा हूं, अगर आगे कोई गुनाह किया तो हम तेरे साथ नहीं रहेंगे. दादा ने सवाल किया कि जेब में 200 रुपये नहीं होते हैं तो 5 लाख की पिस्टल कहां से आई. दादा ने इसे साजिश बताया.
गौरतलब है कि प्रयागराज में अतीक अहमद और अशरफ की हत्या करने वाले तीनों अपराधियों को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. तीनों को हिरासत में लेकर जब पूछताछ की गई तो उन्होंने अपना गुनाह कबूल किया और इस हत्याकांड को अंजाम देने का कारण भी बताया. इन तीनों का क्रिमिनल बैकग्राउंड है. ये तीनों आरोपी यूपी के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं.
अरुण के खिलाफ कई मामले
अतीक-अशरफ हत्याकांड में कासगंज का अरुण उर्फ कालिया भी शामिल था. वो सोरों थाना क्षेत्र के बघेला पुख्ता का रहने वाला है. अरुण के पिता का नाम हीरालाल बताया जा रहा है. वो छह साल से बाहर रह रहा था. उसके माता-पिता की मौत करीब 15 पहले हो चुकी थी. अरुण ने जीआरपी थाने में तैनात पुलिसकर्मी की हत्या कर दी थी, जिसके बाद से ही वो फरार है. अरुण के दो छोटे भाई भी हैं, जिनके नाम धर्मेंद्र और आकाश हैं, जोकि फरीदाबाद में रहकर कबाडे का काम करते हैं.
पहले भी जेल जा चुका है लवलेश
बांदा में लवलेश तिवारी के घर का पता चल गया है. वो शहर कोतवाली के क्योतरा इलाके का रहने वाला है. उसके पिता ने आजतक से बात करते हुए कहा कि हमसे उसका कोई मतलब नहीं था. वह कभी-कभी ही घर आता-जाता था. 5-6 दिन पहले ही बांदा आया था. लवलेश इससे पहले एक मामले में जेल भी जा चुका है. लवलेश के खिलाफ चार पुलिस केस हैं. इनमें पहले मामले में उसे एक महीने की सजा हुई थी. दूसरा मामला लड़की को थप्पड़ मारने का था, उसमें डेढ़ साल की जेल हुई थी. तीसरा मामला शराब से जुड़ा हुआ था, इसके अलावा एक और मामला है.
सनी सिंह के खिलाफ 15 केस दर्ज
सनी सिंह हमीरपुर जिले के कुरारा कस्बे का रहने वाला है. वो कुरारा पुलिस थाने का हिस्ट्रीशीटर है, जिसकी हिस्ट्रीशीट नंबर 281A है. उसके खिलाफ करीब 15 केस दर्ज हैं. उसके भाई पिंटू ने बताया कि वो बीते 10 साल से अपने घर नहीं आया है. सनी के पिता जगत सिंह और मां की मौत हो चुकी है.
सनी के तीन भाई थे, जिनमें से एक की मौत हो चुकी है और दूसरा भाई पिंटू घर पर रहता है और चाय की दुकान चलाता है. भाई ने बताया कि ये ऐसे ही घूमता-फिरता रहता था और फालतू के काम करता रहता था. हम उससे अलग रहते हैं, वो बचपन में ही घर से भाग गया था.