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माइक ऑन छोड़ ठहाका लगाने लगे साइबर ठग, डिजिटल अरेस्ट हुए शख्स की जल गई दिमाग की बत्ती!

फरीदाबाद में साइबर ठगों की एक गलती ने उनकी पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया. ठगों ने 6 दिनों तक एक इंजीनियर को डिजिटल अरेस्ट रखा, लेकिन वे माइक को म्यूज करना भूल गए और आपस में बातें करने लगे. यह बातचीत सुनकर पीड़ित को पूरी साजिश समझ में आ गई. इसके बाद पीड़ित ने तुरंत कॉल काटी और पुलिस से शिकायत की.

साइबर ठगों ने केमिकल इंजीनियर को किया डिजिटल अरेस्ट. (Photo: AI) साइबर ठगों ने केमिकल इंजीनियर को किया डिजिटल अरेस्ट. (Photo: AI)
aajtak.in
  • फरीदाबाद,
  • 21 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 8:58 AM IST

हरियाणा के फरीदाबाद में एक मैकेनिकल इंजीनियर के साथ साइबर ठगी का मामला सामने आया है. यहां साइबर ठगों ने मैकेनिकल इंजीनियर को 6 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा और 3.46 लाख की ठगी कर ली. पीड़ित को जब कुछ शक हुआ तो उसने कॉल काट दिया और तुरंत शिकायत करने पुलिस के पास पहुंचा. पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है.

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एजेंसी के अनुसार, यह घटना 6 दिसंबर की सुबह की है. बल्लभगढ़-तिगांव रोड स्थित एक फैक्ट्री में काम करने वाले केमिकल इंजीनियर मोहित के पास एक अनजान नंबर से कॉल आया. कॉलर ने खुद को एक कोरियर कंपनी का कर्मचारी बताया और कहा कि तुम्हारे नाम से दिल्ली एयरपोर्ट पर एक संदिग्ध पार्सल पकड़ा गया है.

पार्सल में ड्रग्स, पासपोर्ट, एक लैपटॉप, 5,000 अमेरिकी डॉलर के साथ बैंक दस्तावेज और अन्य सामान है. यह बात सुनकर मोहित हैरान रह गए. उन्होंने किसी भी ऐसे पार्सल से इनकार किया. इसके बाद ठग ने दावा किया कि यह पार्सल उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल करके भेजा गया है.

यह भी पढ़ें: VIDEO: जालसाज ने मैसेज भेजकर पूछा ये सवाल, देखिए कैसे नाकाम हो गई 'डिजिटल अरेस्ट' की साजिश

इसी बीच ठग ने कॉल अपने एक साथी को ट्रांसफर कर दिया, जिसने मोहित को कोर्ट में गवाही देने की बात कही. फिर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर जोड़ा, जिसमें कुछ लोग दिल्ली पुलिस कर्मियों की तरह दिख रहे थे. उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाते हुए बैंक स्टेटमेंट और अन्य जानकारी मांगी.

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इसके बाद मोहित को अपने घर पर जाने और अकेले कमरे में रहने को कहा. ठगों ने मोबाइल कैमरे के जरिए 24 घंटे उनकी गतिविधियों पर नजर रखी. मोहित से बैंक खाते की जानकारी ले ली और कहा कि सारी राशि आरबीआई के एक डमी अकाउंट में ट्रांसफर की जाएगी.

इसके बाद 12 दिसंबर को ठग गलती से अपने माइक बंद करना भूल गए और आपस में बातचीत करने लगे. इस दौरान वे हंस भी रहे थे. उनकी बातचीत और हंसने की आवाज सुनकर डिजिटल अरेस्ट हुए मोहित को शक हुआ. मोहित के दिमाम में आया कि उसके साथ कुछ फ्रॉड हो रहा है. इस पर मोहित ने तुरंत कॉल काटी और पुलिस के पास पहुंचे. इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया. साइबर क्राइम टीम जांच में जुटी है.

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