
बीते कुछ दिनों से उत्तर भारत के कई राज्यों में लगातार बारिश हो रही है. हरियाणा भी इन्हीं राज्यों में शामिल है. औसत से अधिक बारिश के चलते यहां के कई जिले इस वक्त बाढ़ की चपेट में हैं. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इन क्षेत्रों का हेलीकॉप्टर की मदद से सर्वे भी किया. उन्होंने बताया कि बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान कुरुक्षेत्र के ग्रामीण इलाके और अंबाला के शहरी इलाकों को हुआ है.
अलर्ट मोड पर 5 जिले
यमुनानगर, कैथल, पंचकूला भी बारिश से प्रभावित जिलों में शामिल हैं. इन जिलों की खास बात ये हैं कि यहां से पानी धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है. हालांकि, इसके चलते जींद, फतेहाबाद, फरीदाबाद,पलवल, सिरसा जैसे जिलों को अलर्ट मोड़ पर रखा गया. पानी आगे बढ़ने से इन जिलों के लिए खतरा पैदा हो गया है. ऐसे में जरूरत के हिसाब से कई जगहों पर एनडीआरएफ/आर्मी की टीम भी लगाई गई है.
मृतकों के लिए 4 लाख का मुआवजा
भारी बारिश के चलते राज्य में अब तक 10 लोगों की मौत की पृष्टि हो चुकी है. जानवरों और मकान पर भी इस बारिश की खूब मार पड़ी है. ऐसे में सभी जिला उपायुक्तों को बारिश की वजह से हुए नुकसान का असेसमेंट कर रिपोर्ट भेजने को कहा गया. मृतकों के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ₹4 लाख के मुआवजे की घोषणा की है. वहीं, जिन मकानों को नुकसान पहुंचा है उनको डिजास्टर रिलीफ फंड या डॉ अंबेडकर आवास नवीनीकरण योजना के तहत सहायता देने का फैसला किया गया है.
प्रशासन द्वारा पहुंचाई जा रही मदद
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के मुताबिक बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में आम नागरिकों तक भोजन,पानी और पशुओं के लिए प्रशासन द्वारा चारा उपलब्ध कराया जा रहा है. सभी तक भोजन पहुंचाने के लिए नाव के साथ-साथ हेलीकॉप्टर तक की मदद ली जा रही है.
हरियाणा पर खतरा बरकरार
मौसम विभाग के वैज्ञानिक एके सिंह बताते हैं कि इस बारिश का सबसे बुरा दौर खत्म हो चुका है. वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और मानसून के कारण उत्तरी भारत में ऐसी बारिश देखने को मिली है. हरियाणा में बारिश की स्थिति में थोड़ी कमी आई है. हालांकि, 17 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की-फुल्की बारिश की गुंजाइश बन रही है. ऐसी स्थिति में अगर राज्य में फिर से जोरदार बारिश होती है तो स्थिति और भी बिगड़ सकती है.