
नूंह हिंसा मामले में हरियाणा पुलिस एक्शन मोड में कार्रवाई कर रही है. कांग्रेस विधायक मामन खान गिरफ्तार को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तारी के बचने के लिए खान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. इस पर गुरुवार को सुनवाई हुई. याचिका में खान ने कोर्ट से राज्य सरकार को एक उच्च स्तरीय एसआईटी गठित करने का निर्देश देने की मांग की थी.
कांग्रेस विधायक मामन खान ने मांग की थी कि एसआईटी में पुलिस महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी हों. साथ ही कहा था कि नूंह हिंसा की घटनाओं से संबंधित मामलों को एसआईटी को स्थानांतरित किया जाए. गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस विधायक को कोर्ट में पेश करेगी.
इससे पहले मंगलवार को हिंसा में आरोपी मोनू मानेसर को हरियाणा पुलिस ने गिरफ्तार किया था. नूंह कोर्ट ने उसे राजस्थान पुलिस की कस्टडी में भेज दिया. मोनू का नाम राजस्थान के निवासी नासिर-जुनैद के हत्याकांड में भी आया था.
नूंह हिंसा में आया था मोनू का नाम
नूंह में बृजमंडल यात्रा के दौरान हिंसा हुई थी. 31 जुलाई को हुई इस हिंसा से पहले मोनू मानेसर का एक वीडियो सामने आया था. इसमें वो नूंह (मेवात) के अंदर बृजमंडल यात्रा में शामिल होने की बात करता है, लोगों से भी वहां आने की बात कहता है. इसके बाद बृजमंडल यात्रा के दौरान नूंह में हिंसा हो जाती है. इसमें छह लोगों की मौत हो गई थी.
भिवानी में हुई थी नासिर-जुनैद की हत्या
इससे पहले फरवरी में मोनू मानेसर के खिलाफ राजस्थान में FIR दर्ज हुई थी. दरअसल, भरतपुर के निवासी नासिर (25), जुनैद (35) को कार में जिंदा जलाकर मार डाला गया था. ये हत्याकांड हरियाणा के भिवानी में हुआ था. आरोप था कि कथित गो-रक्षकों ने इन दोनों को किडनैप किया था और फिर हत्याकांड को अंजाम दिया. इस साजिश में मोनू मानेसर का भी नाम आया था.
बजरंग दल का सदस्य है मोनू मानेसर
मोनू मानेसर उर्फ मोहित यादव बजरंग दल का सदस्य और गौरक्षक है. वह गुरुग्राम के पास मानेसर का रहने वाला है. हरियाणा में बजरंग दल की गाय संरक्षण टास्क फोर्स इकाई, गोरक्षा दल के प्रमुख के रूप में वो जाना जाता है.
फेसबुक पर लिखा था- परिणाम की हम चिंता नहीं करते
नूंह साइबर थाने (क्राइम) में तैनात सिपाही मोहित ने बताया कि वो सोशल मीडिया पर नजर रखने का काम कर रहे थे. मॉनिटरिंग के दौरान एक पेज पर नजर पड़ी. ये पोस्ट 26 अगस्त को किया गया था. इसमें लिखा था 'परिणाम की हम चिंता नहीं करते, वार एक ही बार होगा पर आखिरी होगा.'
पुलिस का कहना है कि ये पोस्ट अलग-अलग समूहों-समुदाय में घृणा अराजकता पैदा करने की नीयत से डाली गई थी. इस फेसबुक लिंक (पोस्ट) की जब जांच की गई तो पता लगा ये फेसबुक आईडी जिस मोबाइल नंबर से बनाई गई थी वो मोहित उर्फ मोनू मानेसर के नाम से रजिस्टर्ड थी.
इसी आधार व अन्य सबूतों के साथ मोनू मानेसर को गिरफ्तार किया गया. उसके पास से 45 बोर की एक पिस्टल और मैग्जीन में तीन कारतूस बरामद किए गए. पिस्टल को सीज किया गया है. मोनू मानेसर के खिलाफ 26 अगस्त को आईपीसी की धारा 153, 153-A, 295-A, 298, 504, 109 और 25-54-59 आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी.