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पलवल: 7 भ्रष्ट पुलिसवाले नपे, 5 बर्खास्त और 2 को किया गया डिमोट

पलवल पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 पुलिसकर्मियों को बर्खास्त और 2 को डिमोट किया है. एक इंस्पेक्टर के खिलाफ बर्खास्तगी की अनुशंसा की गई है. एसपी चंद्रमोहन ने कहा कि पलवल पुलिस जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है.

फोटो (Meta- AI) फोटो (Meta- AI)
सचिन गौड़
  • पलवल ,
  • 31 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 4:52 PM IST

हरियाणा के पलवल जिले में पुलिस विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 पुलिसकर्मियों को दंडित किया है. इनमें 5 पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि एक इंस्पेक्टर के खिलाफ बर्खास्तगी की अनुशंसा की गई है. इसके अलावा 2 पुलिसकर्मियों को डिमोट किया गया है.

एसपी चंद्रमोहन ने यह कार्रवाई करते हुए विभाग को सख्त संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार के लिए पुलिस में कोई जगह नहीं है. बर्खास्त किए गए पुलिसकर्मियों में दो सब इंस्पेक्टर, दो असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (एएसआई) और एक सिपाही शामिल हैं. इनमें से एक महिला एएसआई के खिलाफ विजिलेंस विभाग ने मामला दर्ज किया था. विभागीय जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई.

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पलवल पुलिस में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई

इसके अलावा एक इंस्पेक्टर को भी विजिलेंस जांच में दोषी पाए जाने पर बर्खास्त करने के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा गया है. वहीं, एक सब इंस्पेक्टर को आरोपियों से शराब मंगाने और अन्य मामलों में दोषी पाए जाने पर डिमोट कर हवलदार बना दिया गया है. इसी तरह एक हेड कांस्टेबल को डिमोट कर कांस्टेबल बनाया गया है.

बर्खास्त किए गए 3 पुलिसकर्मियों, जिनमें एक सब इंस्पेक्टर जबकि 2 एएसआई, जिसमे एक महिला एएसआई के खिलाफ विजिलेंस विभाग ने मुकदमे दर्ज कराए थे। विभागीय जांच में आरोप सही पाए गए। एक इंस्पेक्टर को भी विजिलेंस द्वारा दर्ज मुकदमे में जांच के दौरान दोषी पाए जाने पर इंस्पेक्टर को टर्मिनेट करने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है

8 पुलिसकर्मियों को दंडित किया

एसपी चंद्रमोहन ने कहा कि पलवल पुलिस जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने ईमानदार ड्यूटी के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की जांच के लिए एक स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया है. यह कमेटी तय करेगी कि संबंधित अधिकारी या कर्मचारी पुलिस में सेवा देने योग्य है या नहीं. यह कार्रवाई पुलिस विभाग में सुधार और ईमानदारी को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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