
हरियाणा में जल्द विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं. चुनावों से पहले कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. हरियाणा चुनाव साथ लड़ने को लेकर राहुल गांधी के ऑफर पर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कल बड़ा बयान दिया था. लेकिन आज कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने इस संभावित गठबंधन को लेकर चेताया है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा का कहना है कि हरियाणा में आम आदमी पार्टी से कांग्रेस का गठबंधन नहीं होना चाहिए, जितनी AAP से दूरी होगी, उतना कांग्रेस के लिए बेहतर होगा.
हरियाणा में AAP-Congress के गठबंधन पर क्या बोले संजय सिंह?
हरियाणा में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच संभावित गठबंधन को लेकर AAP के वरिष्ठ नेता सजय सिंह ने कहा कि अगले कुछ दिनों में हरियाणा में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन को लेकर तस्वीर साफ हो जाएगी. यह साफ हो जाएगा कि हम राज्य में 90 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे या फिर नौ सीटों पर.
वहीं, AAP हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष सुशील गुप्ता ने आज तक के साथ बातचीत में बताया कि राज्य में चुनावों को लेकर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. आम आदमी पार्टी और कांग्रेस नेतृत्व संभावना तलाश रहा है. अगर संभावना बनती है तो उस दिशा में जाएंगे. लेकिन गठबंधन स्थानीय स्तर के फैसले पर नहीं होगा बल्कि हाईकमान इस पर फैसला करेगा.
उन्होंने कहा कि AAP का मकसद भाजपा के अहंकारी तानाशाही सरकार को जड़ से उखाड़कर फेंकना है, इसके लिए जो रास्ता अपनाना होगा अपनाएंगे. गठबंधन पर जो भी निर्णय होगा, वो प्रदेश और देश के हित में होगा. उन्होंने कहा कि भाजपा की हरियाणा से विदाई सुनिश्चित है. दोनों पार्टियां INDIA गठबंधन का हिस्सा है, लेकिन मैं 90 सीट पर तैयारी कर रहा हूं. आम आदमी पार्टी का 90 सीटों पर आधार है, उम्मीदवारों की स्क्रूटनी हो चुकी है.
वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बीरेंद्र सिंह ने कहा कि वैसे तो कांग्रेस 90 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए सक्षम है. हरियाणा में लोग INDIA अलायंस के बारे में बात कर रहे है. कांग्रेस किसी से कमजोर नहीं है. लेकिन साथियों को साथ लेकर चलना भी हमारा काम है.
हरियाणा में 5 अक्टूबर को वोटिंग
हरियाणा के विधानसभा चुनाव के लिए पांच अक्टूबर को वोटिंग होगी. यहां एक ही चरण में सभी 90 सीटों पर वोट डाले जाएंगे. पहले यहां 1 अक्टूबर को वोटिंग होनी थी. लेकिन बिश्नोई समाज के सदियों पुराने त्योहार आसोज अमावस्या के चलते तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है. इसके नतीजे 8 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर चुनाव के साथ ही घोषित किए जाएंगे.
हरियाणा में 3 नवंबर को खत्म हो रहा कार्यकाल
90 सीटों वाली हरियाणा विधानसभा का कार्यकाल 3 नवंबर को खत्म हो रहा है. पिछले चुनाव में बीजेपी बहुमत हासिल नहीं कर सकी थी. बाद में दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी के साथ गठबंधन कर सरकार बनाई थी. हालांकि, इसी साल मार्च में बीजेपी और जेजेपी का गठबंधन टूट गया था. फिलहाल हरियाणा में एनडीए के पास 43 और इंडिया ब्लॉक के पास 42 सीटें हैं.