
सीनियर IAS अशोक खेमका का एक बार फिर दर्द छलका है. उन्होंने केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में सचिवों के रूप में अपने कुछ बैचमेट्स के प्रमोशन पर प्रतिक्रिया दी है. खेमका ने कहा- 'सीधे पेड़ हमेशा पहले काटे जाते हैं.' 1991 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी खेमका वर्तमान में अपने कैडर राज्य हरियाणा में प्रधान सचिव (अतिरिक्त सचिव स्तर) के रूप में कार्यरत हैं.
कार्मिक विभाग की वेबसाइट पर कार्यकारी रिकॉर्ड शीट के अनुसार, अशोक खेमका का सेवाकाल में अब तक 52 बार तबादला हो चुका है. खेमका तब चर्चा में आए थे, जब उन्होंने गुरुग्राम जिले के मानेसर में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के एक मुख्य प्लॉट के म्यूटेशन को रद्द कर दिया था.
कोई पछतावा नहीं है: खेमका
बुधवार को कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में सचिव के रूप में खेमका के बैचमेट समेत 16 वरिष्ठ नौकरशाहों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. उसके बाद खेमका का ट्वीट आया. उन्होंने लिखा- 'भारत सरकार के सचिवों के रूप में नियुक्त मेरे बैचमेट्स को बधाई. हालांकि, यह खुशी का मौका है. खुद के पीछे छूट जाने से निराशा का भाव लाता है. सीधे पेड़ हमेशा पहले काटे जाते हैं. कोई पछतावा नहीं है. नए संकल्प के साथ, मैं कायम रहूंगा.'
इन बैचमेट्स को मिला प्रमोशन
बताते चलें कि मध्य प्रदेश कैडर के 1991 बैच के आईएएस अधिकारी मनोज गोविल को कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है. खेमका के एक अन्य बैचमेट झारखंड कैडर के शैलेश कुमार सिंह को बुधवार के फेरबदल में ग्रामीण विकास सचिव के रूप में नामित किया गया है. इसी तरह, राजस्थान कैडर के 1991 बैच के आईएएस अधिकारी सुधांश पंत को 31 जनवरी, 2023 को संजीव रंजन के सेवानिवृत्त होने के बाद बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय में सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है. 1991 बैच के कुछ अन्य अधिकारी भी हैं, जिन्हें केंद्र सरकार के विभागों में सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है.
हाल ही में एक विवाद की वजह से चर्चा में आए थे खेमका
हाल ही में दो सीनियर IAS अधिकारी अशोक खेमका और संजीव वर्मा से जुड़ा एक विवाद सामने आया था. इसमें गृह मंत्री अनिल विज ने खेमका का पक्ष लिया था और वर्मा के खिलाफ खुद शिकायत दर्ज कराई थी. दरअसल, हरियाणा वेयर हाउस कॉरपोरेशन के एमडी वर्मा के खिलाफ खेमका ने पंचकूला पुलिस को एक शिकायती पत्र दिया था. हालांकि, जब केस दर्ज नहीं हुआ तो गृह मंत्री अनिल विज खुद पंचकूला के डीसीपी कार्यालय पहुंचे. उनके साथ अशोक खेमका भी थे. विज ने तुरंत केस दर्ज करने के आदेश दिए.
दोनों अफसरों ने एक-दूसरे की शिकायतें की थीं
बता दें कि हरियाणा वेयरहाउस कॉरपोरेशन के एमडी संजीव वर्मा ने कुछ दिन पहले अशोक खेमका के खिलाफ पंचकूला पुलिस को शिकायत देकर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे. इसके बाद हरियाणा के चर्चित आईएएस ऑफिसर अशोक खेमका ने भी शिकायत की थी. दोनों आईएएस अधिकारियों के बीच एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतों का दौर शुरू हो गया था.