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सोलन में बादल फटने से भारी तबाही, 7 लोगों की मौत, 6 को किया गया रेस्क्यू

हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर आसमान से आफत बरसी है. सोलन स्थित ममलीक के धायावला गांव में बादल फटने की खबर सामने आ रही है. बादल फटने की घटना में सात लोगों की मौत हो गई है जबकि दो घर और एक गौशाला बह गई.

बादल फटने के बाद की तस्वीरें (फोटो: जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, सोलन) बादल फटने के बाद की तस्वीरें (फोटो: जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, सोलन)
राजेश शर्मा
  • सोलन,
  • 14 अगस्त 2023,
  • अपडेटेड 9:16 AM IST

हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर बादल फटने से तबाही मची है. इस बार राज्य के सोलन स्थित ममलीक के धायावला गांव में बादल फटा है. सोलन के डीसी मनमोहन शर्मा के मुताबिक बादल फटने से 7 लोगों की मौत हो गई है जबकि 6 लोगों को रेस्क्यू किया गया है. बादल फटने की यह घटना देर रात हुई.

बादल फटने के बाद की तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिसमें दिख रहा है कि पूरा गांव मलबे से पटा हुआ है और हर तरफ तबाही का मंजर नजर आ रहा है. बादल फटने की इस घटना में दो घर और एक गौशाला भी बह गई है.

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स्कूल कॉलेज बंद

भारी बारिश के चलते हिमाचल प्रदेश में स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं. कई जगहों पर रास्ते बंद हैं. लोग जगह-जगह फंसे हैं. हिमाचल के पहाड़ों पर लगातार भूस्खलन हो रहा है. इस बीच सरकार ने 14 अगस्त को स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी की घोषणा कर दी है. हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने आज यानी 14 अगस्त को प्रस्तावित परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है.

भारी बारिश में भूस्खलन के कारण कुल्ली मनाली जाने वाले रास्ते बंद हैं. चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाइवे से पंडोह के बीच कई जगहों पर भी रास्ते बंद हैं. DGP संजय कुंडू ने टूरिस्ट और स्थानीय लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है. साथ ही नदी-नालों और लैंडस्लाइड संभावित इलाकों में नहीं जाने की सलाह दी है. सड़क पर लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण शिमला और चंडीगढ़ को जोड़ने वाले शिमला-कालका राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन के चलते कोटी के पास चक्की मोड़ पर सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में भारी वाहन फंसे हुए हैं. इसके अलावा मंडी जिले के कई स्थानों से घरों और कृषि भूमि को नुकसान की खबरें भी आ रही हैं.

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हमीरपुर में ब्यास नदी उफान

पिछले 48 घंटों से लगातार हो रही बारिश ने हमीरपुर जिले के सभी हिस्सों में फिर से तबाही मचनी शुरू हो गई है. ब्यास और उसकी सहायक नदियां फिर से उफान पर है. जिला प्रशासन ने लोगों को बाहर न निकलने और किसी भी स्थिति में ब्यास नदी के किनारे और नालों के पास जाने से बचने की सलाह दी है.

 

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