
हिमाचल प्रदेश में संजौली और मंडी के बाद अब कुल्लू की जामा मस्जिद को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है. हिंदू संगठन के क्षितिज सूद ने कहा कि मस्जिद में 4 फ्लोर का निर्माण किया, लेकिन परमिशन नहीं ली गई. जमीन आज भी खादी बोर्ड के नाम है. साल 2000 में ये परमिशन दी गई थी कि 2 साल के अंदर मस्जिद निर्माण को पूरा किया जाए, लेकिन 2017 तक निर्माण चलता रहा. जिस पर बाद में स्टे लगाया गया. जो निर्माण किया गया उसकी परमिशन नहीं थी. TCP के मुताबिक़ अवैध निर्माण हुआ. उन्होंने कहा कि अगला प्रदर्शन 30 सितंबर को करेंगे.
वहीं, जामा मस्जिद के इमाम नवाब हाशमी ने कहा कि वक्फ बोर्ड के पास यहां एक बीघा 2 बिस्वा ज़मीन है. वक्फ बोर्ड किराया भी लेता है. जमीन मस्जिद की है और लीगल है. इस पर किया गया निर्माण भी लीगल है, निर्माण की परमिशन भी है, लेकिन कुछ लोग विवाद बना रहे हैं और भी धार्मिक स्थल बने हुए हैं, लेकिन मस्जिद पर ही विवाद है. उन्होंने कहा कि मैं 32 साल से यहां इमाम हूं. साल 1999 में कांग्रेस के एक सांसद थे, उन्हें बोलकर मस्जिद की जगह और निर्माण की परमिशन ली गई थी. अगर हम बोलेंगे तो माहौल खराब होगा. इसलिए हम चुप हैं. प्रशासन को जो भी ग़लत लगता है उसपर कारवाई करे, कोई सीग्रेट या बीड़ी बिता है उससे उनकी मर्ज़ी है. उन्होंने कहा कि मस्जिद 50 साल से भी ज्यादा पुरानी है, लेकिन रेवन्यू रिकॉर्ड आज भी खादी बोर्ड के नाम है.
संजौली मस्जिद विवाद को लेकर कुल्लू में विरोध प्रदर्शन हुआ. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने 'हनुमान चालीसा' का पाठ किया. प्रदर्शनकारियों ने मस्जिद के अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ नाराजगी जताई. शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराते हुए लोगों ने प्रशासन से मुद्दों को हल करने की मांग की.
कुल्लू के अखाड़ा बाजार में लोगों ने विरोध प्रदर्शन कर कहा कि मस्जिद का निर्माण अवैध रूप से किया गया है और यह क्षेत्र में अतिक्रमण का हिस्सा है. विरोध करने वाले लोगों ने प्रशासन से इस अवैध निर्माण को तुरंत हटाने की मांग की है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि धार्मिक स्थलों के निर्माण में कानूनी प्रक्रिया का पालन होना चाहिए. बिना अनुमति के निर्माण से व्यवस्था पर असर पड़ता है. प्रशासन ने विरोध प्रदर्शनों को संज्ञान में लेते हुए स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है.