
हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति में भीषण ठंड ने जनजीवन को मुश्किल बना दिया है. तापमान कई जगहों पर -15°C से -20°C तक गिर चुका है, जिससे प्राकृतिक जल स्रोत और झरने पूरी तरह जम गए हैं. पानी की पाइपें जमने के कारण सुबह-शाम पानी की आपूर्ति बाधित हो रही है.
लाहौल के मुख्यालय केलांग में तापमान -5°C से -8°C के बीच दर्ज किया जा रहा है, जबकि कोकसर जैसे ऊंचे क्षेत्रों में यह -17°C से -21°C तक पहुंच चुका है. स्थानीय निवासी ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं और धूप निकलने के बाद ही घरों से बाहर निकल पा रहे हैं.
झरने और नदी जमने से बढ़ी परेशानी
कोकसर क्षेत्र में ठंड का प्रकोप इतना ज्यादा है कि झरने और चंद्रा नदी तक जमने लगी हैं. यह दृश्य ठंड की भयावहता को उजागर करता है. स्थानीय निवासी विवेक ने बताया कि माइनस तापमान के कारण उनकी दैनिक दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है.
वहीं स्थानीय कृष ठाकुर का कहना है कि ठंड के कारण सुबह-शाम पानी की भारी दिक्कत हो रही है. धूप निकलने के बाद ही पानी की आपूर्ति बहाल हो पाती है. रतन कटोच ने बताया कि ठंड इतनी बढ़ गई है कि रात का तापमान -17°C से -21°C तक जा रहा है.
भीषण ठंड ने बढ़ाई मुश्किलें
लाहौल-स्पीति के लोग भीषण सर्दियों के आदी हैं, लेकिन इस बार की ठंड ने उनकी समस्याएं और बढ़ा दी हैं. स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है. मौसम विभाग के मुताबिक लाहौल-स्पीति, चंबा, कुल्लू, किन्नौर जिलों और कांगड़ा के ऊंचे इलाकों में 12 दिसंबर को हल्की बारिश और बर्फबारी को छोड़कर अगले सात दिन तक मौसम शुष्क रहेगा.