
उत्तराखंड के जोशीमठ के बाद जम्मू-कश्मीर के रामबन और डोडा में स्थित घरों में भी दरारें आ गई हैं. जानकारी के मुताबिक यहां हाईवे के विस्तार का काम चल रहा है, इसके चलते यहां कुछ मकानों में दरारें आ गई है, इन घरों में रहने वाले 5 परिवारों को एक स्कूल भवन में स्थानांतरित कर दिया गया है. जबकि डोडा के 19 परिवारों को शिफ्ट किया गया है.
एजेंसी के मुताबिक एक स्थानीय निवासी ने बताया कि हाईवे पर एक निर्माण कंपनी द्वारा चट्टानों की कटिंग का काम चल रहा है. इस वजह से घरों में दरारें आ गई हैं. अब आलम ये है कि बस्ती क्षेत्र में पहाड़ी नीचे खिसकने लगी है. उन्होंने कहा कि बारिश के कारण मुश्किल और बढ़ गई है.
वहीं, स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) और तहसीलदार ने परिवारों को एक स्कूल में शिफ्ट कर दिया है. जबकि स्थानीय निवासियों ने क्षेत्र के 20 से 25 घरों को असुरक्षित बनाने का आरोप लगाते हुए निर्माण कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
एजेंसी के मुताबिक डोडा के थाथरी में नई बस्ती गांव के लोगों को शिफ्ट किया गया है. इस दौरान एक महिला ने कहा कि हम कहां जाएंगे? हमने पूरी जिंदगी घर बनाने में लगा दी. अब यह खत्म हो गया है, अब हमारे पास कुछ नहीं बचा है.
भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के विशेषज्ञों की एक टीम ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के एक गांव का निरीक्षण किया था, ताकि कंक्रीट की करीब दो दर्जन इमारतों में दरारें आने के कारणों का पता लगाया जा सके.
डोडा के उपायुक्त विशेष पॉल महाजन ने कहा कि जीएसआई के विशेषज्ञों ने थाथरी तहसील में प्रभावित नई बस्ती गांव का दौरा किया और 19 रिहायशी घरों, एक मस्जिद और एक स्कूल में आई दरारों की वजह को जाना. पॉल महाजन ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अब्दुल कयूम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि जीएसआई टीम जल्द ही अपनी रिपोर्ट देगी.
दरअसल, यहां 19 परिवारों के 100 से अधिक सदस्यों के घरों में दरारें आने के बाद उन्हें वहां से रेस्क्यू किया गया है. जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को यहां तीन मकान भी ढह गए. उपायुक्त ने प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया और कहा कि उनके लिए सभी आवश्यक सुविधाओं के साथ एक राहत शिविर स्थापित किया गया है.
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