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कांग्रेस नेता ने पूछा- किन 3 परिवारों ने कश्मीर को लूटा, अमित शाह बोले- देश जानता है

अधीर रंजन चौधरी के सवाल पर जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि अगर तीन परिवारों के नाम बता दूंगा तो आप लोग तिलमिला जाएंगे. पूरे देश को पता है कि वो तीन परिवार कौन हैं.

गृह मंत्री अमित शाह (फोटो-IANS) गृह मंत्री अमित शाह (फोटो-IANS)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 06 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 9:05 PM IST

लोकसभा में मंगलवार को पेश किए गए जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल पर बहस के दौरान कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने गृह मंत्री अमित शाह ने पूछ ही लिया कि किन तीन परिवारों ने कश्मीर को लूटा. एक दिन पहले जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल राज्यसभा में पेश करते हुए अमित शाह ने कहा था कि धारा 370 की आड़ में तीन परिवारों ने जम्मू-कश्मीर में लोकतंत्र को पनपने ही नहीं दिया और उसे जमकर लूटा.

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लोकसभा में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल पर चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने अमित शाह से पूछा कि वो तीन परिवार कौन से हैं जिन्होंने कश्मीर को लूटा. साथ ही उन्होंने कहा कि 1994 में इस संसद ने संकल्प लिया था कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) को हम भारत में शामिल करेंगे. अब जम्मू-कश्मीर का विभाजन हो गया. पीओके की स्थिति क्या होगी? मोदी सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए.

अधीर रंजन चौधरी के सवाल पर जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि अगर तीन परिवारों के नाम बता दूंगा तो आप लोग तिलमिला जाएंगे. पूरे देश को पता है कि वो तीन परिवार कौन हैं. गृह मंत्री ने आगे कहा कि जन कल्याण का जो पैसा केंद्र से राज्य में भेजा गया उससे जनता का पूरा विकास नहीं हुआ क्योंकि 370 की वजह से भ्रष्टाचार चलता रहा. यह पैसा कहां गया, इसी 370 को ढाल बनाकर भ्रष्टाचार करने का काम वहां के नेताओं ने किया है.

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किसी को 370 की चिंता नहींः अमित शाह

अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि आतंकवाद का मूल गरीबी नहीं है, गरीब देश का वफादार होता है और वह कभी हाथ में हथियार नहीं उठाता. धारा 370 का इस तरह से दुष्प्रचार हुआ जिससे वहां आतंकवाद बढ़ता चला गया, लोगों को बरगलाया गया. परिणाम यह रहा कि वहां की जनता को गरीबी के अलावा कुछ नहीं मिला. देशभर के बाकी राज्यों में आतंकवाद क्यों नहीं पनपा क्योंकि वहां 370 नहीं थी जो अलगाववाद का मूल पैदा करती थी.  

अमित शाह ने लोकसभा में अपने संबोधन में कहा कि जम्मू-कश्मीर में किसी को 370 की चिंता नहीं है बल्कि लोग राष्ट्रपति शासन में खुलने वाली फाइलों से परेशान हैं. राष्ट्रपति शासन आते ही वहां ठंड में पसीने आने लगे हैं और अब फाइलें खुल रही हैं.

उन्होंने आगे कहा कि दलितों और आदिवासियों के आरक्षण का क्या कांग्रेस विरोध कर रही है. वहां के लोगों को आरक्षण का लाभ क्यों नहीं मिलना चाहिए. अनुच्छेद 370 का समर्थन करने वाले लोग क्या इस आरक्षण के खिलाफ हैं.

'तीन परिवारों की वजह से विकास नहीं'

अमित शाह ने कहा कि अनुच्छेद 370 को बचाने वाले यह भी याद रखें उन्हें जनता के बीच जवाब देना होगा. इस अनुच्छेद की वजह से जम्मू-कश्मीर के विकास को रोका गया और लोकतंत्र का गला घोंटा गया. वहां कांग्रेस सरकार में आए संविधान संशोधन भी लागू नहीं हुए क्योंकि वोट बैंक प्रभावित हो रहा था. तीन परिवारों की वजह से वहां का विकास नहीं हो सका.

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उन्होंने कहा कि घाटी की जनता की भलाई के लिए ही यह फैसले लिए जा रहे हैं. अनुच्छेद 370 के फायदों के बारे में एक भी सदस्य ने नहीं बताया. अगर इसे चालू रखना है तो इसका कुछ फायदा भी तो होना चाहिए.

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