Advertisement

J-K डीडीसी चुनाव: प्रत्याशियों की सुरक्षा को लेकर विवाद, सरकार पर बीजेपी को फायदा पहुंचाने का आरोप

कुछ प्रत्याशियों का कहना है कि उन्हें सुरक्षा दी जा रही है वो तो ठीक है लेकिन उन्हें अपने चुनावी क्षेत्र में वापस जाने और प्रचार करने की छूट भी मिलनी चाहिए. 

पीडीपी-एनसी ने केंद्र सरकार पर बीजेपी को फायदा पहुंचाने का लगाया आरोप (फाइल फोटो) पीडीपी-एनसी ने केंद्र सरकार पर बीजेपी को फायदा पहुंचाने का लगाया आरोप (फाइल फोटो)
शुजा उल हक
  • श्रीनगर,
  • 19 नवंबर 2020,
  • अपडेटेड 2:44 PM IST
  • जम्‍मू-कश्‍मीर में पहली बार डीडीसी का होगा चुनाव
  • केंद्र सरकार ने प्रदेश में 25000 सुरक्षाबलों की तैनाती की

जम्‍मू-कश्‍मीर में पहली बार जिला विकास परिषद (डीडीसी) का चुनाव होने जा रहा है. डीडीसी चुनाव के साथ प्रदेश में पंचायत और निकाय उपचुनाव भी होने हैं. जिसे देखते हुए केंद्र सरकार ने प्रदेश में 25000 सुरक्षाबलों की तैनाती का फैसला लिया है.

इसके तहत केंद्र सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सभी प्रत्याशियों को सुरक्षित लोकेशन पर भेजने की बात कही है. बताया जा रहा है कि चुनाव को देखते हुए प्रत्याशियों को कोई नुकसान ना पहुंचे इसलिए सरकार ऐसा कर रही है.

Advertisement

वहीं कुछ प्रत्याशियों का कहना है कि उन्हें सुरक्षा दी जा रही है वो तो ठीक है लेकिन उन्हें अपने चुनावी क्षेत्र में वापस जाने और प्रचार करने की छूट भी मिलनी चाहिए. 

पीडीपी (पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी) और एनसी (नेशनल कॉन्फ्रेंस) जैसे बड़े दलों ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि ऐसा कर सरकार उनके चुनाव प्रचार पर रोक लगा रही है. वहीं बीजेपी और उनके सहयोगियों पार्टियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है. 

नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू कश्मीर में जिला विकास परिषदके चुनाव कराने का क्या औचित्य है जब उम्मीदवारों को सुरक्षा कारणों का हवाला देकर प्रचार ही नहीं करने दिया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि गैर बीजेपी उम्मीदवारों को चुनाव प्रचार नहीं करने दिया जा रहा है और प्रशासन बीजेपी की सहायता करने के लिए कुछ भी करने को तैयार है. 

Advertisement

अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, 'जम्मू कश्मीर में किस प्रकार के चुनाव कराए जा रहे हैं जहां प्रत्याशियों को प्रचार करने से रोका जा रहा है? क्या यही वह सुरक्षित और आतंक मुक्त जम्मू कश्मीर है जिसके बारे में गृह मंत्री ने कल ट्वीट किया था.'

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, 'जम्मू कश्मीर प्रशासन, बीजेपी की सहायता करने के लिए सीमा से परे जा रहा है और सुरक्षा का हवाला देते हुए बीजेपी के विरोधी दलों के प्रत्याशियों को लॉकअप में बंद किया जा रहा है. यदि चुनाव प्रचार के लिए सुरक्षा की स्थिति अनुकूल नहीं है तो चुनाव कराने की क्या जरूरत है.' 

वहीं पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि गैर बीजेपी उम्मीदवारों को चुनाव प्रचार नहीं करने दिया जा रहा है. मुफ्ती ने ट्वीट किया, 'डीडीसी के चुनाव के लिए गैर बीजेपी उम्मीदवारों को खुल कर चुनाव प्रचार नहीं करने दिया जा रहा है और सुरक्षा का हवाला देकर बंद किया जा रहा है. लेकिन बीजेपी और उसके मुखौटे पूरे बंदोबस्त के साथ घूम रहे हैं. क्या यही वह लोकतंत्र है जिसके बारे में भारत सरकार ने कल अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति से फोन पर बात की.'

जम्मू कश्मीर में आठ चरणों में चुनाव हो रहे हैं. पहले चरण का मतदान 28 नवंबर और अंतिम चरण का मतदान 19 दिसंबर को होगा. प्रत्येक डीडीसी में 14 और राज्य में कुल 280 निर्वाचन क्षेत्र हैं. प्रदेश में सभी 20 जिलों में डीडीसी का गठन होना है. 

Advertisement

देखें: आजतक LIVE TV

जिला विकास परिषद की स्थापना के लिए केंद्र ने हर जिले में 14 पद सृजित किए हैं. इन सभी पदों को प्रत्यक्ष निर्वाचन के जरिए भरा जाएगा. केंद्र को उम्मीद है कि इससे राज्य में नेतृत्व का एक नया वर्ग तैयार होगा, जिसका भारत के संविधान में विश्वास होगा. ये नया नेतृत्व राज्य की विकास की आकांक्षाओं को पूरा करेगा. 

डीडीसी को प्रभावी और असरकारक बनाने के लिए जिला विकास परिषद के चेयरमैन को राज्य मंत्री का दर्जा देने का फैसला किया गया है. 

हर डीडीसी काउंसिल में पांच स्थायी समितियां बनाई गई हैं. ये समितियां, वित्त, विकास, लोक निर्माण, स्वास्थ्य शिक्षा और कल्याण के मुद्दे पर होंगी. ये डीडीसी की जिम्मेदारी होगी कि वो अपने इलाके के विकास की रूप रेखा बनाएं और वहां का त्वरित विकास करें और आर्थिक समृद्धि का रास्ता साफ करें.

हालांकि जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दल इन चुनावों को शक की निगाह से देख रहे हैं. उनका मानना है कि डीडीसी को ज्यादा शक्ति देने से चुनाव के बाद विधायकों की शक्ति कमजोर होगी. इससे चुनी हुई विधायिका कमजोर और शक्तिहीन हो जाएगी. 


 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement