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सांसद इंजीनियर राशिद को फिर मिली राहत, कोर्ट ने 28 अक्टूबर तक बढ़ाई अंतरिम जमानत

सांसद राशिद को अदालत ने 10 सितंबर को जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए 2 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत दे दी थी. उन्हें मूल रूप से 3 अक्टूबर को आत्मसमर्पण करने और पिछली जमानत शर्तों के अनुसार तिहाड़ जेल लौटने का आदेश दिया गया था. लेकिन इसके बाद उनकी जमानत दो बार बढ़ा दी गई.

बारामूला सांसद इंजीनियर राशिद (फाइल फोटो) बारामूला सांसद इंजीनियर राशिद (फाइल फोटो)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 15 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 5:31 PM IST

दिल्ली की कोर्ट ने मंगलवार को आतंकी फंडिंग मामले में जम्मू-कश्मीर के सांसद शेख अब्दुल राशिद उर्फ ​​इंजीनियर राशिद की अंतरिम जमानत 28 अक्टूबर तक बढ़ा दी. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चंदर जीत सिंह ने राशिद के पिता की स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर यह आदेश पारित किया. इससे पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कहा था कि उसने दस्तावेजों का सत्यापन कर लिया है और वह आवेदन का विरोध नहीं कर रही है. 

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पीटीआई के मुताबिक जज ने मामले में राशिद की नियमित जमानत याचिका पर भी आदेश 28 अक्टूबर तक के लिए टाल दिया. आरोपी के वकील ने अदालत को बताया कि यह आखिरी बार है जब उनके मुवक्किल ने जमानत अवधि बढ़ाने की मांग की है. वकील ने कहा कि एनआईए ने उनके मुवक्किल द्वारा किसी भी शर्त का उल्लंघन करने का आरोप नहीं लगाया है.

बता दें कि राशिद को अदालत ने 10 सितंबर को जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए 2 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत दे दी थी. उन्हें मूल रूप से 3 अक्टूबर को आत्मसमर्पण करने और पिछली जमानत शर्तों के अनुसार तिहाड़ जेल लौटने का आदेश दिया गया था. लेकिन इसके बाद उनकी जमानत दो बार बढ़ा दी गई.

राशिद आतंकी फंडिंग मामले में आरोपों का सामना कर रहे हैं और 2019 से तिहाड़ जेल में बंद हैं. उन्होंने लोकसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को बारामूला सीट से हराया था. हालांकि, विधानसभा चुनाव में उनकी अवामी इत्तेहाद पार्टी छाप छोड़ने में बुरी तरह नाकाम रही. एआईपी को एकमात्र सफलता उत्तरी कश्मीर के लंगेट सीट पर मिली, जहां राशिद के भाई शेख खुर्शीद विजयी हुए.

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