
चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद जम्मू-कश्मीर में सियासी हलचल तेज हो गई है. सभी पार्टियां अब रणनीतियां बना रही हैं. बयानबाजी भी खूब हो रही है. इसी बीच गुलाम नबी आजाद के कांग्रेस में वापस जाने की खबरें भी सामने आई थीं. हालांकि उनकी पार्टी ने इसे बेबुनियाद बताया है.
कांग्रेस पर उठाए सवाल
डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) की ओर से जारी बयान में रविवार को कहा गया कि गुलाम नबी आजाद की कांग्रेस में वापसी की खबरें पूरी तरह से निराधार हैं और जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के नेताओं द्वारा इस तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं.
बीजेपी भी तैयारियों में जुटी
जानकारी के अनुसार, बीजेपी अगले हफ्ते से अपना अभियान शुरू करेगी. सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई बड़े नेता जम्मू-कश्मीर में रैली कर सकते हैं. बताया जा रहा है कि बीजेपी जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में अकेले लड़ने की तैयारी कर रही है. पार्टी कश्मीर घाटी में निर्दलीय और छोटी पार्टियों के साथ तालमेल बिठा सकती है.
राशिद इंजीनियर का भाई लड़ सकता है चुनाव
जानकारी के अनुसार, इंजीनियर राशिद के छोटे भाई खुर्शीद अहमद शेख उत्तरी कश्मीर के हंदवाड़ा की लंगेट सीट से चुनाव लड़ सकते हैं. कहा जा रहा है कि आने वाले दिनों में खुर्शीद अहमद शिक्षा विभाग से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले सकते हैं. एआईपी को जम्मू-कश्मीर की राजनीति में तब प्रमुखता मिली, जब इसके संरक्षक इंजीनियर राशिद ने पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को बारामूला सीट पर एक लाख से ज्यादा वोटों से हराया था. बता दें कि राशिद 2019 से दिल्ली की तिहाड़ जेल में कैद हैं, जब उन्हें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कथित आतंकवाद के वित्तपोषण और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था.
यह भी पढ़ें: 'जम्मू-कश्मीर चुनाव के बाद आर्टिकल-370 खत्म करने के खिलाफ प्रस्ताव पारित करेंगे', बोले उमर अब्दुल्ला
जुल्फिकार चौधरी बीजेपी में शामिल
राजौरी पुंछ के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री और विधायक जुल्फिकार चौधरी ने रविवार को अपने समर्थकों के साथ बीजेपी का दामन थाम लिया है. जुल्फिकार चौधरी बीजेपी सरकार में पीडीपी कोटे से मंत्री भी रह चुके हैं. अपने फैसले पर उन्होंने कहा, 'बीजेपी की नीतियां और योजनाएं कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहुंची हैं. इन चीजों ने मुझे बीजेपी में शामिल होने के लिए मजबूर किया.जम्मू-कश्मीर में शांति बहाल हो गई है, पथराव खत्म हो गया है, आम आदमी अधिक सुरक्षित महसूस करता है.'
3 चरणों में होगा विधानसभा चुनाव
विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 अक्टूबर को आएंगे. पहले फेज (18 सितंबर) में 24 सीटों पर, दूसरे फेज में 26 सीटों (25 सितंबर) पर और तीसरे फेज में (एक अक्तूबर) 40 सीटों पर मतदान होना है.
पहले चरण में इन सीटों पर होगा मतदान
-पंपोर
-त्राल
-पुलवामा
-राजपोरा
-जैनापोरा
-शोपियां
-डी.एच.
पोरा -
कुलगाम
-देवसर
-दूरू
-कोकेरनाग (एसटी)
-अनंतनाग पश्चिम -
अनंतनाग -
श्रीगुफवाड़ा-
बिजबेहरा -
शांगस-
अनंतनाग पूर्व -
पहलगाम -
इंदरवाल -
किश्तवाड़ -
पैड डेर-
नागसेनी -
भद्रवाह -
डोडा -
डोडा पश्चिम -
रामबन -
बनिहाल
दूसरे चरण में इन सीटों पर होगा मतदान -
कंगन (एसटी) -
गांदरबल -
हजरतबल -
खानयार -
हब्बाकदल -
लाल चौक -
चन्नपोरा -
जदीबल -
ईदगाह -
सेंट्रल शाल्टेंग -
बडगाम -
बीरवाह -
खानसाहिब -
चरार-ए-शरीफ
-चदूरा
-गुलाबगढ़ (एसटी)
-रियासी
-श्री माता वैष्णो देवी
-कालाकोट
-सुंदरबनी
-नौशेरा
-राजौरी (एसटी)
-बुद्धल (एसटी)
-थन्नामंडी (एसटी)
-सुरनकोट (एसटी)
-पुंछ हवेली
-मेंढर (एसटी)
तीसरे चरण में इन सीटों पर मतदान
-करनाह
-त्रेहगाम
-कुपवाड़ा
-लोलाब
-हंदवाड़ा
-लंगेट
-सोपोर
-रफियाबाद
-उरी
-बारामूला
-गुलमर्ग
-वागूरा
-क्रीरी
-पट्टन
-सोनावारी
-बांदीपोरा
-गुरेज (एसटी)
-उधमपुर पश्चिम
-उधमपुर पूर्व
-चेनानी
-रामनगर (एससी)
-बनी
-बिलावर
-बसोहली
-जसरोटा
-कठुआ (एससी)
-हीरानगर
-रामगढ़ (एससी)
-सांबा
-विजयपुर
-बिश्नाह (एससी)
-सुचेतगढ़ (एससी)
-आर.एस. पुरा
- जम्मू दक्षिण
-बाहु
-जम्मू पूर्व
-नगरोटा
-जम्मू पश्चिमय.