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J&K: गृह मंत्रालय ने पीपुल्स फ्रीडम लीग के चार गुटों को पांच साल के लिए किया बैन

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया के जरिए गैजेट जारी करते हुए कहा कि भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी संगठनों को गैरकानूनी घोषित कर दिया है.

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (फाइल फोटो) केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (फाइल फोटो)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 16 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 11:48 AM IST

गृह मंत्रालय (MHA) ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर पीपुल्स फ्रीडम लीग के चार गुटों को पांच साल के लिए UAPA के तहत 'गैरकानूनी सहयोगी' घोषित कर दिया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर पीपुल्स फ्रीडम लीग को पांच साल के लिए ‘गैरकानूनी एसोसिएशन’ के तौर पर नामित किया है.

गृहमंत्री ने कहा कि इस संगठन ने आतंकवाद के जरिए जम्मू-कश्मीर में अलगाववाद को बढ़ावा देकर भारत की अखंडता को खतरे में डाला. मोदी सरकार आतंकी गतिविधियों में शामिल लोगों और संगठनों को नहीं बख्शेगी.

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'पीएम मोदी की जीरो टॉलेरेंस पालिसी...'

अमित शाह ने अपने एक दूसरे पोस्ट में कहा कि आतंकवाद के प्रति पीएम नरेंद्र मोदी की जीरो टॉलेरेंस पालिसी का पालन करते हुए, गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर पीपल्स लीग के चार गुटों जेकेपीएल (मुख्तार अहमद वाजा), जेकेपीएल (बशीर अहमद तोता), जेकेपीएल (गुलाम मोहम्मद खान) और जेकेपीएल (अजीज शेख) को गैरकानूनी संघ घोषित किया है, जो याकूब शेख के नेतृत्व में चल रहे थे. मोदी सरकार आतंकवाद को बेरहमी से कुचलने के लिए प्रतिबद्ध है.

यह भी पढ़ें: गृह मंत्रालय ने लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य मोहम्मद कासिम गुज्जर को घोषित किया आतंकी

एक अलग पोस्ट में अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने 'जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (मोहम्मद यासीन मलिक गुट)' को अगले पांच साल के लिए 'गैरकानूनी एसोसिएशन' घोषित कर दिया है. प्रतिबंधित संगठन जम्मू-कश्मीर में आतंक और अलगाववाद को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों में लगा हुआ है. राष्ट्र की सुरक्षा, संप्रभुता और अखंडता को चुनौती देने वाले किसी भी व्यक्ति को कठोर कानूनी नतीजे भुगतने होंगे.

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इससे पहले JKNF पर लगा था बैन

बुधवार, 13 मार्च को केंद्र सरकार ने अलगाववादी गतिविधियां फैलाने के चलते जम्मू कश्मीर नेशनल फ्रंट (JKNF) को UAPA के तहत बैन कर दिया. केंद्रीय गृह मंत्रालय के मुताबिक सरकार ने मंगलवार को लोगों के बीच असंतोष के बीज बोने और देश की सुरक्षा व संप्रभुता के लिए हानिकारक गतिविधियों में शामिल होने के लिए कट्टरपंथी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के घटक जम्मू कश्मीर नेशनल फ्रंट (जेकेएनएफ) पर पांच साल का बैन लगा दिया.  

यह भी पढ़ें: केंद्र सरकार का बड़ा एक्शन, जम्मू कश्मीर के 'तहरीक-ए-हुर्रियत' पर लगाया प्रतिबंध

एक आदेश में गृह मंत्रालय ने नईम अहमद खान की अध्यक्षता वाले जेकेएनएफ को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत तत्काल प्रभाव से एक "गैरकानूनी संघ" घोषित किया. खान उन पहले अलगाववादी नेताओं में से था, जिसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आतंकी फंडिंग मामले में 24 जुलाई, 2017 को गिरफ्तार किया था. वर्तमान वह जेल में बंद है.

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